रायबरेली में बच्चा चोर गैंग का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार

रायबरेली पुलिस ने अंतरराज्यीय बच्चा चोरी और तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के निवासी शामिल हैं, जबकि गिरोह में तीन महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल थीं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया नौ माह का एक मासूम बच्चा सुरक्षित बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह नवजात और छोटे बच्चों को ढाई से तीन लाख रुपये तक में बेचता था।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिले में बच्चा चोरी करने वाले संगठित गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी। इसी दौरान सदर कोतवाली पुलिस और त्रिपुला चौकी की टीम ने रेलवे स्टेशन के पास छापेमारी कर गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया।
तीन राज्यों में फैला था नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के अररिया जिले के रामकुमार दास और उसकी पत्नी रेशमा देवी, उत्तराखंड के जसपुर निवासी किरणजीत उर्फ सरदार आंटी सहित यूपी के कई जिलों के लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले सात से आठ महीनों से बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था।
रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक जगहों से बच्चों को बनाते थे निशाना
जांच में सामने आया है कि गिरोह खासतौर पर रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर अकेली महिलाओं और उनके बच्चों को निशाना बनाता था। आरोपी पहले महिलाओं से बातचीत कर भरोसा जीतते थे और मौका मिलते ही बच्चों को लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अस्पतालों और गांवों में आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य माध्यमों से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाता था जिन्हें संतान की जरूरत होती थी। इसके बाद बच्चों की खरीद-फरोख्त का सौदा तय किया जाता था।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि मध्य प्रदेश की रहने वाली सुहागवती अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन से सफर कर रही थीं। रायबरेली रेलवे स्टेशन पर गिरोह के सदस्य उन्हें बहाने से एक भोजनालय तक ले गए और इसी दौरान उनका नौ माह का बच्चा चोरी कर लिया गया। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क तक पहुंच गई।
बच्चों की बिक्री में बंटता था पैसा
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह में शामिल रामकुमार दास और उसकी पत्नी बच्चों को चोरी करने का काम करते थे और बिक्री होने पर रकम का आधा हिस्सा उन्हें मिलता था। बाकी रकम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों में बांटी जाती थी।
छह अन्य बच्चों की तलाश जारी
पुलिस का दावा है कि गिरोह अब तक कम से कम सात बच्चों को चोरी कर चुका है। इनमें से एक बच्चा बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी छह बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। घटना में इस्तेमाल की गई कार भी पुलिस ने बरामद कर सीज कर दी है।
एसपी रवि कुमार ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
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