दिल्ली में आपदा प्रबंधन कर्मियों के मानदेय में 100% तक बढ़ोतरी, CM रेखा गुप्ता ने किया ऐलान

HIGHLIGHTS
- वर्ष 2009 के बाद पहली बार डीएसडीएमए कर्मियों के मानदेय में संशोधन किया गया है।
- प्रोजेक्ट ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर और प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर को मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय।
- सरकार ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पेशेवर बनाने की दिशा में इसे अहम कदम बताया।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीएसडीएमए) के अंतर्गत काम करने वाले प्रोजेक्ट ऑफिसर (पीओ), डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर (डीपीओ) और प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर के मानदेय में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2009 के बाद पहली बार इन कर्मचारियों के मानदेय में बदलाव किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से लंबे समय से सीमित मानदेय पर काम कर रहे आपदा प्रबंधन कर्मियों को राहत मिलेगी और दिल्ली की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यूएनडीपी के सहयोग से वर्ष 2009 में शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत नियुक्त कर्मियों के मानदेय में पिछले 16 वर्षों से कोई संशोधन नहीं हुआ था। वर्तमान में प्रोजेक्ट ऑफिसर और डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर को 25 हजार रुपये तथा प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर को 20 हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा था।
सरकार के अनुसार, इस अवधि में महंगाई बढ़ने के साथ-साथ कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं, लेकिन उनके पारिश्रमिक में बदलाव नहीं किया गया। नई वेतन व्यवस्था में इन पदों के मानदेय में 100 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी। सरकार ने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में दिल्ली में इन पदों पर मिलने वाला मानदेय काफी कम था।
इसके अलावा सरकार भविष्य में प्रदर्शन के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुरक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़े अन्य कल्याणकारी कदमों पर भी विचार करेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कोई अनुग्रह राशि नहीं, बल्कि कर्मचारियों की जिम्मेदारियों, अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के अनुसार उचित वेतन सुनिश्चित करने की पहल है।
डीएसडीएमए के अधिकारी जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने, जोखिम का आकलन करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के संचालन, राहत और बचाव कार्यों के समन्वय, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मॉक ड्रिल जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाते हैं।
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह निर्णय आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी और पेशेवर बनाने के साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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