महादेव सट्टेबाजी एप केस में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी रवि उप्पल यूएई में गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के मुख्य सह-प्रमोटर रवि उप्पल को यूएई में गिरफ्तार किया गया।
- रवि उप्पल के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
- भारतीय जांच एजेंसियां उसे जल्द भारत लाने के लिए कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया में जुटी हैं।
ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चर्चित महादेव एप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस घोटाले के मुख्य सह-प्रमोटर और आरोपी रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है। अब भारतीय जांच एजेंसियां उसे जल्द भारत लाने के लिए कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया में जुट गई हैं।
रवि उप्पल के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी नोटिस के आधार पर यूएई के स्थानीय प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद रवि उप्पल पर भी कसा शिकंजा
महादेव एप मामले में कार्रवाई के दौरान पिछले दिनों एक अन्य सह-संस्थापक और रवि उप्पल के करीबी सहयोगी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया था। ओमान की अदालत से कानूनी अनुमति मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने एक नवंबर को उसे हिरासत में लिया और भारत पहुंचाया।
भारत में इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, भारत से फरार होने के बाद दोनों आरोपी अपनी पहचान और ठिकाने छिपाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के चलते विदेशों में छिपकर रहने के उनके विकल्प सीमित होते चले गए।
वानातू के फर्जी पासपोर्ट और छत्तीसगढ़ से जुड़ा कनेक्शन
जांच एजेंसियों को मिले दस्तावेजों और सबूतों के अनुसार, रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने मिलकर दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित छोटे द्वीपीय देश वानातू से कथित तौर पर फर्जी तरीके से पासपोर्ट हासिल किए थे।
अधिकारियों का दावा है कि दोनों आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। यहीं से उन्होंने अपने आपराधिक नेटवर्क को मजबूत किया था।
प्रवर्तन निदेशालय ने अक्टूबर 2023 में दाखिल अपनी चार्जशीट में रवि उप्पल को भी आरोपी बनाया था। चार्जशीट में आरोप लगाया गया था कि वह अपराध के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध कमाई कर रहा था। इसके साथ ही वह धन की हेराफेरी और अवैध रकम को छिपाने की गतिविधियों में भी सीधे तौर पर शामिल था।
नेताओं और अधिकारियों तक हवाला के जरिए कैसे पहुंचता था पैसा?
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, रवि उप्पल दुबई में रहकर महादेव एप के पूरे नेटवर्क से होने वाली अवैध कमाई और वसूली का प्रबंधन करता था।
उस पर आरोप है कि वह छत्तीसगढ़ के कई प्रभावशाली राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों तक हवाला के माध्यम से रिश्वत तथा लाइजनिंग से जुड़ी रकम पहुंचाने की व्यवस्था संभालता था।
इस काम के लिए उसने पुलिस के सहायक उप-निरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा और उसके कुछ करीबी सहयोगियों का इस्तेमाल किया था।
वहीं, रायपुर की विशेष अदालत ने हाल ही में सौरभ चंद्राकर को आठ दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे काम करने वाले चेहरों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।
80 हजार करोड़ रुपये के सट्टेबाजी नेटवर्क का कैसे हुआ खुलासा?
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) एप की शुरुआत वर्ष 2019 और 2020 के बीच हुई थी। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान 2020 में लगे लॉकडाउन के समय इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ।
इस अवैध सट्टेबाजी का संचालन इंटरनेट पर बनाए गए हजारों अलग-अलग पैनल के माध्यम से किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि वर्ष 2019 से अब तक इस नेटवर्क के जरिए करीब 80,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई से जुड़ी गतिविधियां हुई हैं।
भारत सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के दोनों प्रमुख आरोपियों को कानून के दायरे में लाने की दिशा में कार्रवाई कर रही हैं। जांच का उद्देश्य इस पूरे सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े लोगों और उसकी गतिविधियों का खुलासा करना है।
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