टीएमसी को बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने दिया इस्तीफा

HIGHLIGHTS
- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक बार फिर बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
- पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया।
- उनका यह कदम हाल ही में पार्टी के दो अन्य वरिष्ठ सांसदों सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद सामने आया है, जिससे टीएमसी के भीतर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
- इस्तीफों से राज्यसभा में घटा संख्याबल लगातार हो रहे इस्तीफों के चलते टीएमसी की राज्यसभा में मौजूदगी पर असर पड़ रहा है।
- माना जा रहा है कि बड़ाईक के इस्तीफे के बाद पार्टी के स…
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक बार फिर बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। उनका यह कदम हाल ही में पार्टी के दो अन्य वरिष्ठ सांसदों सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद सामने आया है, जिससे टीएमसी के भीतर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
इस्तीफों से राज्यसभा में घटा संख्याबल
लगातार हो रहे इस्तीफों के चलते टीएमसी की राज्यसभा में मौजूदगी पर असर पड़ रहा है। माना जा रहा है कि बड़ाईक के इस्तीफे के बाद पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर 10 के आसपास रह जाएगी। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी पार्टी छोड़ सकते हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
सभापति को सौंपा इस्तीफा
प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को सौंपा। पत्र में उन्होंने तत्काल प्रभाव से सदस्यता छोड़ने की बात लिखते हुए सदन और सचिवालय के सहयोग के लिए आभार जताया।
संगठन में बढ़ती अंदरूनी हलचल
लगातार इस्तीफों और असंतोष की खबरों ने टीएमसी के भीतर गहराते मतभेदों की ओर इशारा किया है। इन घटनाओं के बीच पार्टी की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विलय की अटकलों पर बागी गुट का बयान
इसी बीच टीएमसी के बागी गुट ने कांग्रेस में विलय की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। नेता रितब्रत बनर्जी ने दावा किया कि यह पूरी तरह पार्टी का आंतरिक मामला है और किसी भी प्रकार के विलय की चर्चा गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके गुट को विधायकों और प्रतिनिधियों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
कांग्रेस की दूरी
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस पूरे मामले से दूरी बनाते हुए कहा कि उन्हें किसी भी संभावित विलय या राजनीतिक बातचीत की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक पुष्टि होने पर ही वह इस पर प्रतिक्रिया देंगे।
सुष्मिता देव का इस्तीफा भी स्वीकार
इसी बीच राज्यसभा में टीएमसी की एक और हाई-प्रोफाइल सदस्य सुष्मिता देव का इस्तीफा भी 10 जून से प्रभावी रूप से स्वीकार कर लिया गया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने असम में सक्रिय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही थी। हालांकि उनके भविष्य के राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें जारी हैं।
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