ट्रंप की धमकी पर रूस की चेतावनी, कहा– बातचीत का रास्ता अब भी खुला

मॉस्को। रूस ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर उम्मीद जताते हुए कहा है कि अभी भी कूटनीतिक रास्ता खुला हुआ है। हालांकि क्रेमलिन ने साथ ही आगाह किया कि अगर तेहरान के खिलाफ सैन्य कदम उठाए गए तो पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था गंभीर खतरे में पड़ सकती है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए संयम और संवाद ही सबसे बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ताकत का इस्तेमाल हालात को और बिगाड़ सकता है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने बुधवार को ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते के लिए तेहरान के पास सीमित समय बचा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अमेरिका चाहता है कि ईरान बातचीत के जरिए एक निष्पक्ष और संतुलित समझौते तक पहुंचे।
अपने संदेश में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि अगर टकराव बढ़ा तो अगला हमला पहले से कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। इससे पहले अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया था।
इन बयानों के बाद रूस ने एक बार फिर दोहराया कि वार्ता की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। पेस्कोव ने कहा कि मौजूदा हालात में सबसे जरूरी है कि सभी पक्ष बातचीत को प्राथमिकता दें, क्योंकि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और अराजकता फैला सकती है।
इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान भी मॉस्को पहुंचे हैं। उनके दौरे के दौरान ईरान से जुड़े हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अहम चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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