UN में भारत ने उठाया होर्मुज हमले का मुद्दा, कहा- नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए अमेरिकी हमले में दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि एक चीफ इंजीनियर अब भी लापता है। इस घटना के बाद भारत ने गहरी चिंता जताते हुए अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर सख्त आपत्ति दर्ज कराई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इससे पहले ही अमेरिकी दूतावास में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए औपचारिक डेमार्श सौंपा था। इसके साथ ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे को उठाते हुए पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
हमले में भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि
सीमैन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के अनुसार, मंगलवार को हुए इस हमले में मारे गए दो भारतीय नाविकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है। वहीं चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के लापता होने की भी पुष्टि की गई है।
जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। हमले के बाद ओमान की नौसेना और हेलीकॉप्टरों की मदद से 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अमेरिकी कार्रवाई पर सवाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 9 जून को हुए इस हमले में अमेरिकी नौसेना ने एफ/ए-18 फाइटर जेट से मिसाइल दागी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि चेतावनी देने के बावजूद जहाज आगे बढ़ रहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
इस हमले में जहाज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने उन्हें औपचारिक आपत्ति पत्र (डेमार्श) सौंपा और भारत की गंभीर चिंता से अवगत कराया।
इसके साथ ही भारत ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों में बढ़ते खतरे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।
UN में भी उठा मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत पर्वथानेनी हरीश ने कहा कि इस तरह के हमले वैश्विक सप्लाई चेन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की निंदा करते हुए कूटनीति और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
भारत ने यह भी दोहराया कि क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा पर चिंता
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। भारत ने अपने नाविकों और मर्चेंट नेवी से जुड़े लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है।
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