मणिपुर में बवाल: 28 दिन बाद मिले छह अगवा लोगों के शव, अस्पताल के बाहर भारी भीड़

मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) के मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में जुटे लोगों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। ये लोग उन छह नगा व्यक्तियों के शवों की मांग को लेकर एकत्र हुए थे, जिनके 13 मई 2026 को लेइलोन वैफेई गांव से कथित अपहरण की बात सामने आई थी।
24 घंटे के सर्च ऑपरेशन में मिले शव
लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के करीब 450 जवानों की संयुक्त टीम ने लगभग 24 घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान खोजी कुत्तों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली गई।
काफी प्रयासों के बाद सुरक्षा बलों को छह शव बरामद हुए हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि ये वही लापता नगा नागरिक हैं जिन्हें पहले अगवा किया गया था।
अस्पताल परिसर में बढ़ी भीड़, हालात बिगड़े
शव मिलने की जानकारी फैलते ही JNIMS अस्पताल के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए।
भीड़ लगातार बढ़ने और माहौल तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा बलों ने लोगों को वहां से हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस की कार्रवाई जारी
मणिपुर पुलिस ने बताया कि बरामद शवों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले की हर पहलू से जांच जारी है ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
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