बड़ौत: विवाद और हंगामे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ वरुण लुहारी का अंतिम संस्कार

बागपत। हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की मौत के बाद गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के उपरांत उसका शव बड़ौत स्थित आवास पर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और वरुण के पिता बाबूराम की रिहाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।
परिजनों का कहना था कि जब तक गोली मारने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं होती और बाबूराम को रिहा नहीं किया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस दौरान घर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
मामला मंगलवार शाम का है, जब बड़ौत के दिल्ली रोड पर स्थित एक कन्फेक्शनरी दुकान पर बैठे सोहनलाल और उनके पुत्र विकास की कथित रूप से हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी और उसके साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद वरुण को भीड़ ने पकड़कर बेरहमी से पीट दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गंभीर हालत में उसे मेरठ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया।
शव पहुंचने के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि वायरल वीडियो में घटना स्पष्ट दिखने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी की और बाबूराम को झूठे मामले में नामजद कर जेल भेज दिया।
हंगामे के बाद पुलिस ने वरुण के चाचा की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसके बाद हालात शांत हुए। इसके पश्चात बड़ौली रोड स्थित श्मशान घाट में वरुण का अंतिम संस्कार किया गया।
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