टैरिफ तनाव के बीच आज भारत पहुंचेगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर होगी बात

अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने से उपजे तनाव के बीच भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत एक बार फिर शुरू होने जा रही है। ट्रंप प्रशासन के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज रात नई दिल्ली पहुंचेगा। यह पहली बार है जब रूस से तेल आयात को लेकर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ थोपे जाने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता होने जा रही है।
प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के अब तक पांच दौर पूरे हो चुके हैं। छठे चरण की बातचीत 25 अगस्त को होनी थी, लेकिन टैरिफ विवाद के चलते उसे स्थगित कर दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि वार्ता जारी है और लिंच की भारत यात्रा इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि आगे की दिशा तय हो सके।
भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह बैठक औपचारिक छठा दौर नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष व्यापार समझौते की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक साप्ताहिक वर्चुअल बातचीत हो रही थी, मगर अनुकूल माहौल न होने के कारण खास प्रगति नहीं हो पाई थी।
ब्रेंडन लिंच की भूमिका
ब्रेंडन लिंच दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय में सहायक प्रतिनिधि हैं। वे इस क्षेत्र के 15 देशों की व्यापार नीतियों की देखरेख करते हैं और भारत-अमेरिका व्यापार नीति फोरम (TPF) समेत कई समझौतों का समन्वय करते हैं।
संबंधों में नरमी
भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने और कड़े बयानों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। हालांकि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंधों की तारीफ करते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए वार्ता जारी है और वे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के इच्छुक हैं। इसके जवाब में पीएम मोदी ने भी कहा कि दोनों देश स्वाभाविक साझेदार हैं और ये वार्ताएं नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि मिलकर काम करते हुए दोनों देशों के लिए उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा।
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