अनिल अंबानी समूह लोन फ्रॉड केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित

अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) से जुड़े कथित हजारों करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर टल गई है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई 2026 के लिए निर्धारित की है। यह मामला एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें लगभग 40,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण में कथित अनियमितताओं की जांच कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की गई है।
यह याचिका पूर्व नौकरशाह ई. ए. एस. सरमा द्वारा दाखिल की गई है। आरोप है कि ADAG समूह की कुछ कंपनियों ने बड़े पैमाने पर बैंक लोन में धोखाधड़ी की है और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सीबीआई और ईडी ने कोर्ट के निर्देशों के अनुसार स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है और जांच कई वित्तीय पहलुओं पर जारी है।
वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि जांच की गति बेहद धीमी है और अब तक किसी मुख्य आरोपी पर ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ADAG समूह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि उन्हें अपना पक्ष विस्तार से रखने का अवसर दिया जाना चाहिए, क्योंकि कई महत्वपूर्ण तथ्य अभी पूरी तरह रिकॉर्ड पर नहीं आए हैं।
हवाई किराया और अन्य मामलों पर भी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान अन्य अहम जनहित याचिकाओं पर भी सुनवाई का संकेत दिया।
• हवाई किराए पर नियंत्रण की मांग
एक याचिका में निजी एयरलाइंस द्वारा मनमाने और अस्थिर हवाई किराए तथा अतिरिक्त शुल्कों पर नियंत्रण के लिए नियम बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि अचानक बढ़ते किराए यात्रियों पर भारी आर्थिक बोझ डालते हैं।
• ट्रॉमा केयर व्यवस्था पर याचिका
एक अन्य जनहित याचिका में देश में इमरजेंसी ट्रॉमा केयर सिस्टम को मजबूत करने की मांग की गई है, ताकि सड़क हादसों और आपात स्थितियों में समय पर इलाज मिल सके और जानें बचाई जा सकें।
• न्यायिक सेवा नियमों की समीक्षा
कोर्ट उन याचिकाओं पर भी विचार करेगा जिनमें न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए तीन साल की वकालत अनिवार्य होने के नियम पर पुनर्विचार की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह शर्त कई योग्य उम्मीदवारों के अवसर सीमित करती है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.