बिजनौर में गंगा धारा को पौराणिक घाट तक लाने की मांग, पूर्व सांसद ने CM से की मुलाकात

HIGHLIGHTS
- पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जिले की विभिन्न समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
- इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
- पूर्व सांसद ने विशेष रूप से दारानगर गंज क्षेत्र में मां गंगा की धारा को पौराणिक घाट तक पुनः लाने की मांग उठाई।
- उनका कहना था कि इस पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को नई दिशा…
बिजनौर। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जिले की विभिन्न समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
पूर्व सांसद ने विशेष रूप से दारानगर गंज क्षेत्र में मां गंगा की धारा को पौराणिक घाट तक पुनः लाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इस पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को नई दिशा मिल सकेगी।
इसके अलावा उन्होंने मंडल स्तर पर प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिजनौर में स्थापित करने का आग्रह भी किया, ताकि जिले के युवाओं और ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर खेल सुविधाएं और अवसर मिल सकें।
किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने भूसे की उपलब्धता का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। बताया गया कि बड़ी मात्रा में भूसा पेपर मिलों में उपयोग हो रहा है, जिससे बाजार में इसकी कमी हो रही है और किसानों को ऊंचे दामों पर भूसा खरीदना पड़ रहा है। इस स्थिति पर नियंत्रण लगाने की मांग भी की गई।
पूर्व सांसद ने बताया कि बैठक के दौरान बिजनौर की वर्तमान राजनीतिक और विकास संबंधी परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अफजलगढ़। ग्राम पंचायत इस्लामनगर और पुराना कालागढ़ स्थित रामगंगा नदी तट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी उठाई गई है। श्री रामगंगा फाउंडेशन ने इस क्षेत्र में बढ़ती अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारे कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराब सेवन, गंदगी फैलाने और अनुशासनहीन गतिविधियों के कारण क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है। इससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ रहा है।
फाउंडेशन ने प्रशासन से मांग की है कि रामगंगा नदी तट को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, चेतावनी बोर्ड, पुलिस गश्त और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई है।
इस संबंध में एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में फाउंडर विनोद धारियावाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सिरोही और विपिन यादव सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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