हिमाचल में बारिश का कहर, पुल-पुलिया बहीं; 109 सड़कें बंद, कई जिलों में अलर्ट जारी

HIGHLIGHTS
- कुल्लू के बंजार में तीर्थन नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल और दो पुलिया बह गईं।
- मौसम विभाग ने 9 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
- पांवटा साहिब में सबसे ज्यादा 75.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश में रविवार रात और सोमवार को हुई भारी बारिश व भूस्खलन के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र में तीर्थन नदी का जलस्तर बढ़ने से एक पुल और दो पुलिया बह गईं। इसके चलते मशियार पंचायत के छह से अधिक गांवों के लोगों के लिए नदी पार करने का एकमात्र सहारा अब रज्जू मार्ग रह गया है। वहीं, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में पुराना बातापुल भी ढह गया है।
भूस्खलन के कारण आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे-305 बाधित रहा। निरमंड खंड की बाड़ी पंचायत में बारिश के चलते प्राथमिक स्कूल पांकवा के भवन का एक हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आकर गिर गया, जबकि दूसरे हिस्से में मलबा भर गया।
ठियोग में मलबा गिरने से कार क्षतिग्रस्त
स्कूल को अब सामुदायिक भवन में स्थानांतरित करना पड़ा है। बारिश और भूस्खलन से यहां 500 से अधिक सेब के पेड़ भी नष्ट हो गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। शिमला के ठियोग में पहाड़ी से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण सड़क किनारे खड़ी एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
रामपुर की गानवी और समेज खड्डों में भी जलस्तर बढ़ गया है। 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी परियोजना के बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में नेशनल हाईवे समेत कुल 109 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि 30 जलापूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई हैं।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार से 9 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा 6 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर समेत छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
ऊना जिले में सोमवार सुबह से बारिश शुरू हो गई थी। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हमीरपुर में भी सुबह बारिश हुई, जिसके बाद मौसम सामान्य रहा, हालांकि दोपहर से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे।
दरोबड़ में अस्थायी ढांचा गिरा
ग्राम पंचायत नारा के गांव दरोबड़ में बारिश के कारण गोशाला के पास बनाया गया अस्थायी ढांचा गिर गया। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के चलते मलबे में फंसे सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मंडी जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कई सड़कें अभी भी बंद हैं। सिरमौर जिले में रविवार रात और सोमवार को हुई बारिश व भूस्खलन से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। सतौन के पास भूस्खलन से पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे करीब दो घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान जाम में एंबुलेंस भी फंस गई।
पांवटा साहिब में सबसे अधिक बारिश दर्ज
रविवार को हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पांवटा साहिब में सबसे अधिक 75.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा नयना देवी में 68.2, ठियोग में 40, कोठी में 35.2, रामपुर में 30 और धर्मशाला में 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.