ग्रेट निकोबार परियोजना पर घमासान, भाजपा ने राहुल गांधी पर किया पलटवार

ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस परियोजना की आलोचना किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को उन पर तीखा पलटवार किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत के बढ़ते भू-राजनीतिक प्रभाव से असहज हैं और देश के बजाय अन्य देशों की स्थिति को मजबूत देखना चाहते हैं। यह प्रतिक्रिया विश्व पर्यावरण दिवस पर राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई।
राहुल गांधी का आरोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर 16 मिनट से अधिक लंबा वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार के दावों को “भ्रामक” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना का उद्देश्य केवल रक्षा या ट्रांजिट पोर्ट नहीं है, बल्कि इसके जरिए एक निजी कारोबारी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वहां होटल और कैसीनो जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे द्वीप के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा उत्पन्न होगा।
भाजपा का जवाब
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना की कल्पना 1970 के दशक में की गई थी और इसे दशकों पहले ही लागू किया जाना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह दूरदर्शी परियोजनाओं की कल्पना तो कर सकती है, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने में विफल रही है।
सिन्हा ने कहा कि यदि कांग्रेस ऐसी योजनाओं को लागू नहीं कर सकी, तो इसके लिए सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
रणनीतिक महत्व पर जोर
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के बेहद करीब होगा, जो वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 30 प्रतिशत समुद्री व्यापार का संचालन होता है। ऐसे में यह बंदरगाह भारत के लिए व्यापारिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
पर्यावरण और जनजातीय चिंता पर बहस
राहुल गांधी ने परियोजना को लेकर स्थानीय आदिवासी समुदायों और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि द्वीप का केवल लगभग 10 प्रतिशत क्षेत्र ही वर्तमान में उपयोग में है और भविष्य में चरणबद्ध तरीके से 3.5 से 4 लाख लोगों के बसने की योजना है।
भाजपा का कहना है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा और सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा।
एनजीटी मंजूरी का हवाला
भाजपा ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरणीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की जा चुकी है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से भारत के रणनीतिक हितों की अनदेखी करती रही है और अब भी वह देश के भू-राजनीतिक विस्तार को लेकर असहज नजर आती है। भाजपा का कहना है कि कुछ लोग या तो इस परियोजना के महत्व को समझ नहीं पा रहे हैं या फिर भारत के बजाय अन्य देशों को अधिक मजबूत देखना चाहते हैं।
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