कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने वरिष्ठ भाजपा नेता रामपाल टेलर से की मुलाकात

HIGHLIGHTS
- रामपाल टेलर ने 2002 और 2007 में चरथावल से चुनाव लड़ा था
- दोनों चुनावों में रामपाल टेलर को हार का सामना करना पड़ा था
- मुलाकात में राजनीतिक जीवन की पुरानी यादें साझा की गईं
मुजफ्फरनगर। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने विधानसभा पुरकाजी के ग्राम आखलौर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता रामपाल टेलर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक जीवन की पुरानी यादों, रिश्तों, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर आत्मीय बातचीत हुई।
रामपाल टेलर ने वर्ष 2002 और 2007 में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चरथावल विधानसभा से चुनाव लड़ा था। वर्ष 2002 में उन्हें बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी से 1,265 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, वर्ष 2007 में भी उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ चुनाव लड़ा, लेकिन करीब 1,800 मतों के अंतर से पराजित हुए।
लंबी राजनीतिक यात्रा और प्रतिद्वंद्विता के बावजूद उनके व्यक्तित्व में किसी तरह की कटुता या शिकन दिखाई नहीं देती। उन्होंने सहज भाव से कहा, “हम किसी भी कार्य को लेकर पूरी मेहनत करते हैं, लेकिन उसका फल और उसका महत्व प्रकृति ही तय करती है।” उनके इन शब्दों में राजनीति के साथ-साथ जीवन के लिए भी सीख निहित है।
इस मुलाकात से यह संदेश भी सामने आया कि राजनीति में विचारों और दलों का विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत संबंध, सम्मान और आत्मीयता उससे ऊपर हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत वैमनस्य में नहीं बदलना चाहिए। लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि विचारों में भिन्नता के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सद्भाव कायम रहे।
रामपाल टेलर ने कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार को बेटे के समान स्नेह और आशीर्वाद दिया। उन्होंने अनिल कुमार के जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और समाजसेवा के मार्ग पर समर्पित रहने की कामना की। उनके इस स्नेह और मार्गदर्शन को प्रेरणादायक बताया गया।
भारतीय जनता पार्टी के लिए अपने जीवन का लंबा समय समर्पित करने वाले रामपाल टेलर आज भी अपने राजनीतिक विचारों और संगठन के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं।
ऐसे वरिष्ठ और अनुभवी राजनीतिक व्यक्तित्वों का सम्मान करना लोकतांत्रिक संस्कारों की पहचान है। मानवीय रिश्ते और संस्कार राजनीति की विचारधाराओं से ऊपर उठकर दिलों को जोड़ने का काम करते हैं।
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