किन्नौर में 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, मां-बेटे समेत चार की मौत

HIGHLIGHTS
- कार में कुल पांच लोग सवार होकर टापरी से जानी गांव जा रहे थे।
- सुबह करीब 8:30 बजे टावर के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया।
- दुर्घटनाग्रस्त कार सड़क से करीब 150 मीटर नीचे खाई में जा गिरी।
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। टापरी-जानी संपर्क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में मां-बेटे, उनकी ननद और चालक के भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए जेएसडब्ल्यू अस्पताल टापरी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
टापरी पुलिस थाने से मिली जानकारी के मुताबिक, कार संख्या HP 26B-8999 में पांच लोग टापरी से जानी गांव जा रहे थे। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे जब वाहन टापरी से कुछ दूरी पर स्थित टावर के पास पहुंचा, तो चालक कार से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे खाई में जा गिरी।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद मृतकों और घायल व्यक्ति को खाई से बाहर निकाला।
हादसे में इन चार लोगों की गई जान
इस दुर्घटना में कृष्णा (42) पत्नी नरेश कुमार निवासी जानी, निचार, हिमेश कुमार (19) पुत्र नरेश कुमार निवासी जानी, सुषमा (47) पत्नी रोशन लाल निवासी ग्रांगे, निचार और इंद्र लाल (30) पुत्र हरि लाल निवासी जानी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक कृष्णा और हिमेश मां-बेटे थे।
वहीं, कार चला रहे विद्या कृष्ण (32) पुत्र हरि लाल निवासी जानी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जेएसडब्ल्यू अस्पताल टापरी ले जाया गया।
कार्यवाहक एसपी एवं डीएसपी भावानगर राजकुमार ने बताया कि दुर्घटना में चार लोगों की जान गई है और चालक घायल हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जताया दुख
किन्नौर जिले में हुए इस हादसे पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने भावानगर के पास जानी लिंक रोड पर हुई दुर्घटना में चार लोगों की मौत पर दुख जताते हुए घायल व्यक्ति के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति और दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों को हिम्मत देने की प्रार्थना की।
सड़क पर क्रैश बैरियर होते तो बच सकती थीं चार जानें
टापरी-जानी संपर्क मार्ग पर हुए हादसे के बाद सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस सड़क पर क्रैश बैरियर लगे होते तो चार लोगों की जान बचाई जा सकती थी। करीब छह किलोमीटर लंबी यह सड़क खड़ी पहाड़ी पर बनी है, लेकिन यहां सुरक्षा के लिए न तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं और न ही पैरापिट बनाए गए हैं।
हादसे में कृष्णा, उनके बेटे हिमेश और ननद सुषमा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी, बेटे और बहन को खोने के बाद नरेश कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के समय जानी गांव के लोग शिवरात्रि की तैयारियों में जुटे थे। हादसे की खबर पहुंचते ही गांव में शोक छा गया। शिवरात्रि से एक दिन पहले हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।
टापरी श्मशानघाट में एक साथ जलीं तीन चिताएं
हादसे की सूचना जब कृष्णा के पति नरेश कुमार और उनके तीन बच्चों तक पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, कार चालक विद्या कृष्ण के छोटे भाई इंद्र लाल (30) की भी दुर्घटना में मौत हो गई।
इस मार्ग से रामनी पंचायत के ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। सुषमा के शव को अंतिम संस्कार के लिए निचार ले जाया गया। वहीं, कृष्णा, हिमेश और इंद्र लाल के शव टापरी श्मशानघाट लाए गए, जहां तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
प्रशासन ने मृतकों और घायल के परिजनों को दी आर्थिक सहायता
हादसे के बाद उपमंडल प्रशासन भावानगर की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद दी गई। एसडीएम भावानगर नारायण चौहान ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये और घायल व्यक्ति को 10 हजार रुपये की फौरी राहत राशि जारी की गई है।
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