मुनंबम भूमि विवाद पर CM सतीशन का बड़ा बयान, किसी को बेदखल नहीं किया जाएगा

केरल। केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मुनंबम भूमि विवाद से प्रभावित किसी भी निवासी को उनकी जमीन से बेदखल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी स्तर पर पूरी मजबूती से पक्ष रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने तय किया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को उनकी जमीन से नहीं हटाया जाएगा। उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की जाएगी। इसके लिए सरकार अंतिम स्तर तक लड़ाई लड़ेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का यह रुख नया नहीं है और विपक्ष में रहते हुए भी यूडीएफ ने हमेशा इसी मुद्दे पर समान स्थिति अपनाई थी।
वक्फ बोर्ड के फैसले पर राजनीतिक बयान
सीएम सतीशन ने वक्फ बोर्ड द्वारा विवादित भूमि को ‘उम्मीद (UMEED) पोर्टल’ पर दर्ज किए जाने के फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने दावा किया कि वक्फ बोर्ड की कई नियुक्तियां पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में हुई थीं।
उनके अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मौजूदा यूडीएफ सरकार की उस योजना को बाधित करना है, जिसमें इस विवाद को जल्द सुलझाने की बात कही गई थी।
वक्फ बोर्ड का दावा और बढ़ता विवाद
यह बयान उस समय आया है जब एक दिन पहले केरल राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के. एस. हमजा ने कहा था कि मुनंबम की विवादित जमीन वक्फ संपत्ति है और इसे राज्य की अन्य वक्फ संपत्तियों के साथ पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है।
राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा
मुनंबम भूमि विवाद अब केरल में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। कई स्थानीय निवासी अपनी जमीन के स्वामित्व को लेकर अनिश्चितता जताते हुए विरोध कर रहे हैं।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन किया है और कहा है कि संशोधित वक्फ कानून से इस तरह के विवादों के समाधान में मदद मिलेगी।
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