दिल्ली SIR की समय सीमा बढ़ी, 17 अगस्त तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान

HIGHLIGHTS
- BLO को सत्यापन और बूथों के पुनर्गठन का काम पूरा करने के लिए नई समय सीमा दी गई।
- नागरिक 24 अगस्त से 23 सितंबर तक वोटर लिस्ट से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
- निर्वाचन अधिकारियों को आवेदनों की जांच और निपटारे के लिए 22 अक्टूबर तक का समय मिलेगा।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चल रहे SIR कार्यक्रम की समय सीमा को भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर बढ़ा दिया है। आयोग की ओर से दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए नए आदेश के अनुसार, SIR प्रक्रिया को दूसरी बार आगे बढ़ाया गया है।
17 अगस्त तक जारी रहेगा घर-घर सत्यापन अभियान
इससे पहले आयोग ने घर-घर सत्यापन, फॉर्म वितरण और उन्हें जमा करने की अंतिम तारीख 29 जुलाई से बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी थी। अब बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा किया जा रहा घर-घर सत्यापन अभियान 17 अगस्त तक जारी रहेगा।
दिल्ली चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए पत्र पर विचार करने के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रक्रिया की समय सीमा को और बढ़ाने का फैसला लिया है।
24 अगस्त को जारी होगा वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट
चुनाव आयोग की ओर से जारी संशोधित समय सारणी के अनुसार, घर-घर सत्यापन के साथ बूथों के पुनर्गठन और रेशनलाइजेशन का काम 17 अगस्त तक पूरा किया जाएगा।
इसके बाद मतदाता सूची का पहला प्रारूप यानी ड्राफ्ट 24 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। इससे पहले संशोधित कार्यक्रम में ड्राफ्ट जारी करने की तारीख 17 अगस्त तय की गई थी, जबकि मूल कार्यक्रम के अनुसार इसे 5 अगस्त को जारी किया जाना था।
23 सितंबर तक दर्ज कर सकेंगे दावे और आपत्तियां
नए आदेश के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या किसी तरह का सुधार कराने के लिए नागरिक 24 अगस्त से 23 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
इसके बाद प्राप्त आवेदनों की जांच, नोटिस प्रक्रिया और उनके निपटारे के लिए निर्वाचन अधिकारियों को 24 अगस्त से 22 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
राजनीतिक दलों और जनता को जानकारी देने के निर्देश
केंद्रीय चुनाव आयोग के अतिरिक्त सचिव संदीप कुमार की ओर से जारी आदेश में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि नए संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दिल्ली के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित रूप से दी जाए।
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