गर्मी से तपा पूरा भारत: विदर्भ में पारा 47.2°C पार, तेलंगाना में लू से 16 की मौत

देश के बड़े हिस्से में इस समय भीषण गर्मी और तेज लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सूरज की लगातार बढ़ती तपिश और गर्म हवाओं के कारण कई राज्यों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मध्य और उत्तर भारत में मई के अंत तक लू का असर जारी रह सकता है।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
विदर्भ में सबसे ज्यादा गर्मी, दिल्ली-एनसीआर भी प्रभावित
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी इस समय देश का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है, जहां तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में भी पारा 45 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में तापमान और बढ़ सकता है।
लू से जानलेवा हालात, कई राज्यों में मौतें
तेलंगाना के सात जिलों में हीट स्ट्रोक के कारण 16 लोगों की मौत की सूचना है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आपात बैठक कर राहत और बचाव उपायों की समीक्षा की है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन ने लोगों को खासकर दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।
वहीं, पंजाब सरकार ने भी सभी सरकारी अस्पतालों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष इंतजाम और कूलिंग सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ी राज्यों में भी अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश में 26 और 27 मई के लिए लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ पहाड़ी क्षेत्रों और झारखंड के धनबाद में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
मानसून को लेकर राहत भरी खबर
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने मानसून को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में सक्रिय हो चुका है।
आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
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