भारत की R&D ताकत से चीन की ऑटो इंडस्ट्री की नींद उड़ जाएगी: आनंद महिंद्रा

मुंबई। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर ह्यूंदै इंडिया के भारत में बड़े पैमाने पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) निवेश की योजना पर प्रतिक्रिया दी। ह्यूंदै का लक्ष्य नए उत्पादों को तेज़ी से और कम लागत में विकसित करना है।
महिंद्रा ने कहा कि इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन भारत के लिए यह कदम बेहद सकारात्मक है। उन्होंने बताया कि इस निवेश से स्थानीय इंजीनियरिंग टैलेंट को आकर्षित, प्रशिक्षित और देश में बनाए रखना संभव होगा। महिंद्रा ने कहा, "जब भारत में इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का नेटवर्क तैयार होगा, तो यह नवाचार को बढ़ावा देगा और भारत को चीनी ऑटो उद्योग का वास्तविक प्रतिद्वंद्वी बनाएगा।"
ह्यूंदै ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 2030 तक भारत में 5 अरब डॉलर (करीब 45,000 करोड़ रुपये) निवेश करेगा। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश प्लान है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि R&D और उत्पाद विकास में और शेष 40 प्रतिशत उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा तकनीकी उन्नयन में खर्च होगी।
ह्यूंदै के ग्लोबल प्रेसिडेंट और सीईओ जोसे मुनोज ने कहा, "भारत हमारी रणनीति का हिस्सा नहीं है, भारत ही हमारी रणनीति है। अगर हम यहां मजबूत हैं, तो हम वैश्विक स्तर पर भी मजबूत होंगे।" कंपनी भारत में अपने लग्जरी ब्रांड Genesis और फाइनेंस डिवीजन 'Hyundai Capital' लॉन्च करने की भी योजना बना रही है।
सोशल मीडिया पर महिंद्रा के पोस्ट को लोग उत्साह से देख रहे हैं। यूजर्स का मानना है कि भारत में R&D को बढ़ावा देने से देश केवल मैन्युफैक्चरिंग हब नहीं बल्कि वैश्विक ऑटोमोटिव इनोवेशन सेंटर के रूप में भी उभरेगा।
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