कर्नाटक में सफारी सुरक्षा पर बड़ा फैसला: खुले वाहन होंगे बंद, बसों का होगा इस्तेमाल

कर्नाटक सरकार ने राज्य के टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्यों में पर्यटक सफारी को लेकर सुरक्षा मानकों को और सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं। वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री ईश्वर खंडरे ने अधिकारियों से कहा है कि अब सफारी में खुले वाहनों की जगह अधिक सुरक्षित बसों का उपयोग किया जाए।
दुबारे हादसे के बाद सख्त कदम
यह निर्देश कोडागु जिले के दुबारे हाथी शिविर में 18 मई को हुई घटना के बाद दिए गए हैं, जहां दो प्रशिक्षित हाथियों के बीच संघर्ष के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत हो गई थी। इस घटना ने सफारी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
मंत्री ने मुख्य वन्यजीव संरक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रमुख सफारी स्थल
कर्नाटक में बांदीपुर, नागरहोल, भद्रा, काली और बिलिगिरिरंगना हिल्स जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व में सफारी आयोजित की जाती है। इसके अलावा मलई महादेश्वर हिल्स, डांडेली और के. गुड़ी जैसे वन क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पर्यटक वन्यजीव सफारी का आनंद लेते हैं।
देश-विदेश से हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक इन क्षेत्रों में पहुंचते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के निर्देश
मंत्री ईश्वर खंडरे ने कहा कि अब तक सफारी वाहनों पर जंगली जानवरों के हमले की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- खुले सफारी वाहनों की जगह पूरी तरह सुरक्षित बसों का उपयोग किया जाए
- मौजूदा वाहनों में मजबूत लोहे की जाली और सुरक्षित शीशे लगाए जाएं
- जंगल के भीतर पर्यटकों को वाहन से बाहर निकलने की अनुमति न हो
- हर सफारी वाहन में प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य हो
- सफारी केंद्रों और हाथी शिविरों के पास एंबुलेंस सुविधा सुनिश्चित की जाए
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