फैजान अंसारी ने सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में की शिकायत, गिरफ्तारी की मांग

HIGHLIGHTS
- फैजान अंसारी ने डीसीपी को दी शिकायत में पहले से दर्ज दो मामलों का भी जिक्र किया।
- आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने दीपके के पिता की आय और विदेश में पढ़ाई को लेकर सवाल उठाए थे।
- सीजेपी ने जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक प्रदर्शन किया था, जिसे 25 जुलाई को समाप्त किया गया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अंसारी ने आरोप लगाया है कि दीपके के सहयोगियों ने पुणे और औरंगाबाद में उन पर हमला किया था।
दिल्ली पुलिस के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को दी गई शिकायत में फैजान अंसारी ने कहा कि इन दोनों घटनाओं को लेकर पहले से ही दो मामले दर्ज हैं। उन्होंने पुलिस से अभिजीत दीपके को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
फैजान अंसारी ने एएनआई से बातचीत में कहा, "आज मैंने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली डीसीपी को लिखित शिकायत दी है, क्योंकि मेरे पास इस बात के सबूत हैं कि उनके लोगों ने मुझ पर हमला किया। मुझ पर पुणे और औरंगाबाद में हमला हुआ था। इस संबंध में पहले से दो मामले दर्ज हैं। मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस तुरंत दीपके को गिरफ्तार करे।"
सोनम वांगचुक को लेकर क्या बोले फैजान अंसारी?
अंसारी ने आगे कहा कि सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने के लिए वह दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली पुलिस को सलाम करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली का माहौल खराब होने से बच गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके जो कुछ भी कर रहे हैं, वह अपने निजी फायदे के लिए कर रहे हैं।
दीपके की विदेश में पढ़ाई को लेकर जांच की मांग
इससे पहले सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके की आय की जांच की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के वेतन से उनके बेटे की अमेरिका में उच्च शिक्षा का खर्च कैसे पूरा किया गया।
आरटीआई कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग (ईसीआई) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) से भी सीजेपी की कानूनी स्थिति और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये की सहायता राशि पर कर देयता की जांच की मांग की है।
वहीं, सोमवार को अभिजीत दीपके ने कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह दोबारा धरना देंगे।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का मुद्दा उठाया था
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से सवाल किया था कि नीट-यूजी अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मामलों में मृतकों के परिवारों को अब तक एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा क्यों नहीं दिया गया।
सीजेपी ने जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य प्रमुख मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया गया था।
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