बसपा में बड़ा फैसला, मायावती ने अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला

HIGHLIGHTS
- मायावती ने एक्स पर बयान जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी।
- पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी से जुड़े मामले में बेनीवाल पर कार्रवाई हुई।
- रामजी गौतम को दोबारा पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को निष्कासित कर दिया है। अशोक सिद्धार्थ, बसपा नेता आकाश आनंद के ससुर भी हैं। मायावती ने साफ किया है कि अब किसी भी परिस्थिति में दोनों नेताओं की पार्टी में वापसी नहीं होगी।
मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि दोनों नेताओं के खिलाफ लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करने की शिकायतें मिल रही थीं।
अशोक सिद्धार्थ पर पहले भी हुई थी कार्रवाई
मायावती ने बताया कि अशोक सिद्धार्थ को महाराष्ट्र में पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के दौरान तालमेल की कमी और अनुशासनहीनता के चलते पद से हटाया गया था। इसके बाद उन्हें दोबारा मौका देते हुए उत्तर प्रदेश के बजाय दूसरे राज्यों में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वहां भी उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभाते समय भी अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आती रहीं। कई बार चेतावनी देने के बाद भी सुधार नहीं होने पर उन्हें पहले सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर कर दिया गया है।
मायावती ने यह भी कहा कि अशोक सिद्धार्थ के दोबारा उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों का उद्देश्य आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करना और संगठन को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने दोहराया कि अशोक सिद्धार्थ की अब पार्टी में वापसी नहीं होगी।
रणधीर सिंह बेनीवाल भी पार्टी से बाहर
बसपा प्रमुख ने रणधीर सिंह बेनीवाल के खिलाफ भी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेनीवाल को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके बाद उन्हें सभी जिम्मेदारियों से हटाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
रामजी गौतम को मिली पंजाब की जिम्मेदारी
मायावती ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को फिर से पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। वह अन्य राज्यों के साथ पंजाब में भी आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मायावती ने कहा कि पार्टी की मौजूदा नीति के अनुसार उत्तर प्रदेश के रहने वाले वरिष्ठ पदाधिकारी, जो अन्य राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और विरोधी दलों के दुष्प्रचार का हिस्सा न बनें।
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