आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों के बीच निर्मला सीतारमण का संदेश- डर नहीं, विश्वास जरूरी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत और स्थिर बताते हुए कहा है कि कुछ लोग देश में अनावश्यक भय और नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों के भीतर भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है।
मुंबई में सिडबी (SIDBI) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां इस तरह तैयार की गई हैं कि बाहरी आर्थिक झटकों का असर कम हो और विकास की गति बनी रहे।
पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती का जिक्र
सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सरकार को करीब एक लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन इसका उद्देश्य आम जनता और उद्योगों को राहत देना है।
एमएसएमई सेक्टर की चुनौतियों पर चिंता
वित्त मंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लंबित भुगतानों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के करीब 8.1 लाख करोड़ रुपये के भुगतान अटके हुए हैं, जिससे छोटे कारोबारों की कार्यशील पूंजी और विस्तार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से आग्रह किया कि वे एमएसएमई को तय 45 दिनों की समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि छोटे उद्योगों को वित्तीय राहत मिल सके और उनका कारोबार सुचारू रूप से चलता रहे।
जीएसटी कलेक्शन और क्रेडिट ग्रोथ पर जोर
वित्त मंत्री के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में सकल जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 22 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि बैंकिंग क्षेत्र से भी लगातार सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। रिटेल लोन में 18.1 प्रतिशत, कृषि ऋण में 15.5 प्रतिशत और एमएसएमई कर्ज में 18.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा ट्रैक्टर, दोपहिया और यात्री वाहनों की बिक्री में तेजी तथा सरकारी बैंकों के घटते एनपीए को मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक स्थिरता का संकेत बताया गया।
औद्योगिक विकास के लिए ‘भव्य’ योजना
केंद्र सरकार ने औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 33,660 करोड़ रुपये की ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना पर काम शुरू किया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पहले चरण में 50 नए प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।
इस योजना के तहत राज्यों से अगले चार महीनों में आवेदन मांगे गए हैं। पार्कों का आकार 100 से 1000 एकड़ तक होगा, जबकि पहाड़ी राज्यों में न्यूनतम सीमा 25 एकड़ रखी गई है। सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की सहायता देगी।
सरकार को उम्मीद है कि अगले तीन वर्षों में ये औद्योगिक पार्क पूरी तरह चालू हो जाएंगे, जिससे एमएसएमई, स्टार्टअप्स और विदेशी निवेशकों को बड़ा फायदा मिलेगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.