बरेली में नाले में बहे 7 वर्षीय प्रीत का 48 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग, मंत्री ने जताई नाराजगी

HIGHLIGHTS
- बरेली के आंवला में नाले में बहे सात वर्षीय प्रीत का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है।
- पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने रेस्क्यू में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
- ईओ से स्पष्टीकरण, जेई के निलंबन और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए गए हैं।
बरेली। आंवला में मंगलवार शाम बारिश के दौरान खेलते समय पैर फिसलने से नाले में बहे सात वर्षीय मासूम प्रीत का 48 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका है। मामले को लेकर पशुधन मंत्री ने नाराजगी जताई है।
मंत्री ने नगर पालिका के ईओ से स्पष्टीकरण लेने, जेई को निलंबित करने और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह मोहल्ला खेड़ा स्थित पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद नगरिया सतन स्थित अपने कैंप कार्यालय में तहसील के अधिकारियों, ईओ, जेई और इंस्पेक्टर के साथ बैठक की।
बैठक में मंत्री ने हादसे के दो दिन बाद भी मासूम का पता नहीं चलने पर नाराजगी जताई।
जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि नालों पर जाल लगे होते तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने पालिका के ईओ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दो दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन के नाम पर लापरवाही हो रही है।
उन्होंने कहा कि पालिका की टीम एक किलोमीटर लंबे नाले में अभी तक बच्चे को नहीं तलाश सकी है। इतने समय में तो समुद्र से भी बच्चे को ढूंढा जा सकता था।
मंत्री ने डॉग स्क्वायड की मदद से जल्द से जल्द बच्चे को तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवार को मदद का भरोसा
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस समय पीड़ित परिवार को सांत्वना और सहायता की जरूरत है। उन्होंने बच्चे को तलाशने वाले के लिए इनाम की घोषणा और रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालकर राजनीति करने को घटिया राजनीति बताया।
मंत्री ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
इस दौरान पूर्व चेयरमैन संजीव सक्सेना, संजय अग्रवाल बॉबी, रामवीर प्रजापति, मनोज मौर्य, सुनील श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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