वायरस नहीं, जहर का असर: राजोरी में एक साल पहले हुई 17 मौतों के मामले में बड़ा खुलासा

जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के एक दूरदराज गांव में एक साल पहले हुई 17 रहस्यमयी मौतों के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। सरकारी जांच के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कुछ विशेष कीटनाशक तत्वों और कैडमियम के उच्च स्तर के संकेत मिले हैं, जो इस बीमारी का कारण हो सकते हैं।
जांच में सामने आया नया तथ्य
स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने बताया कि लखनऊ के CSIR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च और PGIMER चंडीगढ़ की रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि यह घटनाएं किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से जुड़ी नहीं हैं। जांच में एल्डीकार्ब सल्फोन, एसीटामिप्रिड और बुटॉक्सीकार्बॉक्सिम जैसे कीटनाशक और कैडमियम की मौजूदगी पाई गई है, जिससे न्यूरो-टॉक्सिक प्रभाव की संभावना जताई जा रही है।
घटनाक्रम और प्रभावित लोग
यह मामला 7 दिसंबर 2024 से 24 जनवरी 2025 के बीच बड्डाल क्षेत्र में सामने आया, जहां 55 लोग प्रभावित हुए और इनमें से 17 लोगों की मौत हो गई। प्रभावित लोगों में पेट दर्द, उल्टी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत और बेहोशी जैसे लक्षण देखे गए।
सरकारी कार्रवाई और जांच
सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) और गृह मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है, जो घटना के सटीक कारण का पता लगाने में लगी हुई है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेडिकल कैंप लगाए, घर-घर सर्वे किया और हजारों लोगों की जांच की। साथ ही भोजन, पानी और अन्य नमूनों को प्रयोगशालाओं में भेजा गया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की निगरानी में मामले की समीक्षा की जा रही है और ICMR, NCDC, PGIMER, AIIMS दिल्ली समेत कई राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ भी जांच में शामिल हैं।
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