पीएम मोदी और कीर स्टारमर की बैठक: ब्रिटेन में खालिस्तानी गतिविधियों पर जताई चिंता

HIGHLIGHTS
- नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
- यह ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा है।
- आज पीएम नरेंद्र मोदी और स्टार्मर के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
- पीएम मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण आधार बन रही है।
- उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्मर के नेतृत्व में भारत-ब्रिटेन संबंधों…
नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। यह ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा है। आज पीएम नरेंद्र मोदी और स्टार्मर के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
पीएम मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण आधार बन रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्मर के नेतृत्व में भारत-ब्रिटेन संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
CETA समझौते का प्रभाव
पीएम मोदी ने कहा कि इसी जुलाई में उनकी ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने बताया कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच आयात लागत कम होगी, व्यापार बढ़ेगा, उद्योगों और उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीएम मोदी ने कहा, “समझौते पर हस्ताक्षर के कुछ ही महीनों में आपकी भारत यात्रा और अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल इस साझेदारी में नए जोश का प्रतीक है।”
द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
पीएम मोदी ने बैठक में हिंद-प्रशांत, पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता तथा यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांति प्रयासों का समर्थन करता है। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने प्रतिबद्धता जताई।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित आपसी विश्वास ही भारत-ब्रिटेन संबंधों की नींव है, और वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के दौर में यह साझेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है।
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