पीएम मोदी ने किया विवेक स्मारक का उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने मैसूर में विवेक स्मारक का उद्घाटन किया।
- उन्होंने शिक्षा में समान अवसर और मातृभाषा में पढ़ाई पर जोर दिया।
- पीएम मोदी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए सबसे पहले मैसूर की अधिष्ठात्री देवी मां चामुंडेश्वरी को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही सभी ने गुरु पूर्णिमा मनाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यात्रा जहां से शुरू हुई और आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें रामकृष्ण मिशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले वह हावड़ा स्थित बेलूर मठ गए थे, जहां उन्हें पूज्य संतों के साथ सत्संग करने का अवसर मिला था।
पीएम मोदी ने कहा कि आज उन्हें मैसूर में रामकृष्ण आश्रम से जुड़े संतों और अपने गुरु भाइयों से मिलने तथा उनका आशीर्वाद लेने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मैसूर की इस पवित्र भूमि पर लोगों की उपस्थिति से उन्हें एक अलग ऊर्जा का अनुभव हो रहा है।
मैसूर ने सांस्कृतिक विरासत को संभाला और संवारा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैसूर भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। यहां के मंदिर, परंपराएं, उत्सव, मैसूर का दशहरा, भव्य महल, संगीत और साहित्य में भारत की विरासत दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि यह देखकर संतोष होता है कि मैसूर शहर ने अपनी इस विरासत को न केवल सुरक्षित रखा है, बल्कि उसे और बेहतर तरीके से संवारा भी है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि कुछ समय पहले वह उस ऐतिहासिक भवन में गए थे, जहां स्वामी विवेकानंद जी ने अपने प्रवास के दौरान समय बिताया था। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के कई विद्वान और मनीषी इस स्थान से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि कुवेंपु जैसे महान व्यक्तित्व का भी मैसूर स्थित रामकृष्ण आश्रम से गहरा संबंध रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर यानी विवेकासमारका के उद्घाटन के माध्यम से इस मिशन को नया विस्तार दिया जा रहा है।
तप और साधना से बनती है महान विभूति- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी व्यक्ति का विभूति के रूप में निर्माण अचानक नहीं होता। इसके लिए जीवन में अनेक परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है, साधना करनी होती है और खुद को तपाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि मिलने के बाद दुनिया साथ खड़ी होती है, लेकिन संघर्ष और तपस्या के समय महान व्यक्तित्वों को पहचानना आसान नहीं होता। जो किसी साधक को उसकी तपस्या के समय पहचान लेता है, वह उसकी सफलता का सहभागी बनता है।
शिक्षा में समान अवसर पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा के साथ-साथ समानता को भी महत्वपूर्ण मानते थे। शिक्षा और अवसरों में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो, यही आज देश का विजन है।
उन्होंने कहा कि अब चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसी पढ़ाई भी मातृभाषा में करने की सुविधा उपलब्ध है। इससे भाषा के आधार पर अवसरों में होने वाले भेदभाव को कम करने में मदद मिल रही है।
शिक्षा क्षेत्र में बढ़ रहे संस्थान और सुविधाएं
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में शैक्षणिक संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि देश में एमबीबीएस की करीब 1.40 लाख सीटें उपलब्ध हैं और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 823 हो गई है।
उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 21वीं सदी के भारत के लिए युवाओं को तैयार करने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
युवाओं की ताकत ही बनती है राष्ट्र की शक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी देश की युवा शक्ति तभी राष्ट्रीय शक्ति में बदलती है, जब युवाओं को सही अवसर, सही दिशा और बड़े सपने देखने के साथ उन्हें अपनी धरती पर पूरा करने का आत्मविश्वास मिलता है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में देश के शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
विवेक स्मारक से युवाओं के निर्माण की उम्मीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि विवेक स्मारक साधकों और श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक उन्नति का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि इस स्मारक के माध्यम से ऐसे युवाओं का निर्माण होना चाहिए, जो अपने व्यक्तिगत सुख-दुख से ऊपर उठकर समाज, राष्ट्र और गरीब व वंचित लोगों के हित को सर्वोपरि रखें।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे युवाओं के लिए 'नेशन फर्स्ट' सर्वोच्च मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए और उनका जीवन मिशन भारत माता की सेवा होना चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.