भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सकारात्मक वार्ता, नतीजे जल्द: वाणिज्य मंत्रालय

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर हुई वार्ता में सकारात्मक रुख सामने आया है। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाने और समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का संकल्प लिया है, ताकि यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित हो।
भारत और अमेरिका के प्रतिनिधि आमने-सामने
भारत की ओर से वार्ता का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने किया, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच ने संभाला। सोमवार शाम को नई दिल्ली पहुंचे अमेरिकी दल ने मंगलवार को पूरे दिन भारतीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
व्यापार सहयोग को नई दिशा देने का लक्ष्य
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने भी बैठक को रचनात्मक बताते हुए कहा कि यह वार्ता भविष्य की दिशा तय करने में अहम साबित होगी। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना और व्यापारिक संबंधों को नई गति देना है।
अब भी अटके हैं कुछ मुद्दे
पिछले कुछ महीनों में कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कृषि और डेयरी से जुड़े मसलों पर मतभेद बरकरार हैं। अमेरिकी प्रतिनिधियों ने भारत से इन क्षेत्रों में कुछ रियायतों की मांग की।
विशेषज्ञों की राय
दिल्ली-इंडो-यूएस स्मॉल बिजनेस चैंबर के अध्यक्ष डॉ. सुभाष गोयल ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि पहले जहां वार्ताएं ठप हो गई थीं, वहीं अब बातचीत का नया दौर शुरू होना बेहतर संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतिम समझौता दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखकर होगा।
हालिया पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में अमेरिका और भारत के बीच तनाव बढ़ा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ को बढ़ाकर 50% कर दिया था, जिसमें रूस से कच्चा तेल आयात करने पर अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। भारत ने इस कदम को अनुचित और अस्वीकार्य बताया था। हालांकि इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोशल मीडिया पर सकारात्मक संदेशों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे माहौल में सुधार देखने को मिला।
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