राजपाल यादव के बदले सुर: तिहाड़ से छूटते ही बोले- कानून की नजर में सब बराबर

शाहजहांपुर। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि कानून के सामने कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। उन्होंने जेल सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अच्छे आचरण वाले बंदियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिलना चाहिए। यह बात उन्होंने चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद अपने गांव कुंडरा में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।
आभार व्यक्त किया
राजपाल ने कहा कि उनके मुश्किल समय में लोगों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उनका समर्थन किया और उनके लिए प्रार्थना की। उन्होंने सभी का आभार जताया और कहा कि यह उनके लिए बेहद अहम रहा। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह भारतीय सिनेमा के प्रति जिम्मेदार हैं और अभिनय उनके लिए केवल पेशा नहीं बल्कि पैशन और कला का विज्ञान है।
जेल में अनुभव और सुधार की जरूरत
तिहाड़ जेल में रहने के दौरान राजपाल यादव ने महसूस किया कि जैसे समाज अपडेट हो रहा है, जेलों को भी सुधार की जरूरत है। उनका मानना है कि जिन बंदियों का व्यवहार और आचरण सही है और जो अदालतों के चक्कर नहीं लगा पा रहे हैं, उनके लिए मुख्यधारा में लौटने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि घृणा पाप से करनी चाहिए, पापी से नहीं।
चेक बाउंस मामले की जानकारी
राजपाल यादव नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट से 30 दिन की अंतरिम जमानत प्राप्त कर चुके हैं। पांच फरवरी को उन्हें सरेंडर कर तिहाड़ जेल भेजा गया था। बुधवार को वह अपने गांव कुंडरा पहुंचे। गुरुवार को उनकी भतीजी की शादी है, जिसमें वह शामिल होंगे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.