SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने विपक्ष के दुष्प्रचार की पोल खोली: बीजेपी

भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को संवैधानिक और वैध ठहराया।
भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पूरी तरह संविधान के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद विपक्ष लगातार संस्थाओं पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब अदालत के फैसले ने उनके सभी तर्कों को कमजोर कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का जो अभियान चलाया जा रहा था, वह अब पूरी तरह विफल साबित हो चुका है। उनके अनुसार यह फैसला विपक्ष के लिए नैतिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर एक बड़ा झटका है।
सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग को ऐसी प्रक्रिया अपनाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोप निराधार साबित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष शुरू से ही इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा था।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को पारदर्शी और सही बनाए रखने के लिए जरूरी है और इसे लेकर फैलाया गया भ्रम अब खत्म हो जाना चाहिए।
नलिन कोहली का बयान
भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं और आयोग इसी जिम्मेदारी को निभा रहा है।
योगेंद्र यादव की प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे मतदान अधिकारों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी अदालत के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी ने कभी SIR प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
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