शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी टूटे, रुपये में रिकॉर्ड कमजोरी

कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।
सेंसेक्स करीब 959 अंक (1.23%) टूटकर 76,537 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 285 अंक (1.18%) गिरकर 23,892 के आसपास कारोबार करता दिखा।
इसी दौरान रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.07 तक फिसल गया। बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला इंडिया वीआईएक्स भी 4.90 अंक बढ़कर 18.29 पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों में अस्थिरता का संकेत मिला।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 2,468 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बाजार से निकासी की। विशेषज्ञों का कहना है कि FPI लगातार भारतीय इक्विटी और डेट दोनों से पैसा निकाल रहे हैं और डॉलर की मांग बढ़ा रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखा गया, जहां ब्रेंट क्रूड लगभग 4% बढ़कर 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक कमजोर रहे, जबकि शंघाई का कंपोजिट सूचकांक हल्की बढ़त में रहा।
अमेरिकी बाजार भी बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कोई बदलाव न होना और भू-राजनीतिक तनावों के चलते वैश्विक बाजारों में जोखिम बना हुआ है।
इससे पहले बुधवार को भारतीय बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स 609 अंक और निफ्टी 181 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए थे, लेकिन गुरुवार को यह बढ़त पूरी तरह खत्म हो गई।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.