JPSC-JSSC भर्ती सुधार पर छात्रों का जश्न, रांची में निकाली आभार यात्रा

HIGHLIGHTS
- जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकली यात्रा
- छात्रों ने अबीर-गुलाल लगाकर और आतिशबाजी कर खुशी जताई
- आंदोलन के दौरान बारिश, भूख हड़ताल और पुलिस कार्रवाई का सामना किया
रांची। जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान को लेकर राज्य सरकार की ओर से लिए गए फैसलों के बाद बुधवार शाम छात्रों ने आभार यात्रा निकालकर खुशी जताई। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकली यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच की ओर से आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनाई। जयपाल सिंह मुंडा और शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि भी दी गई।
छात्रों ने नारे लगाकर अपनी खुशी जाहिर की और आतिशबाजी की। लंबे संघर्ष के बाद आंदोलन स्थगित होने पर धरना स्थल का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। छात्रों ने सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति भी आभार जताया।
छात्रों का कहना था कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से लिया और भर्ती परीक्षाओं में सुधार व पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले किए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी।
45 परीक्षाओं पर कार्रवाई के लिए जताया आभार
छात्रों के अनुसार, आंदोलन के परिणामस्वरूप कुल 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई है। इनमें 22 परीक्षाएं रद की गई हैं, 17 परीक्षाओं में जांच का निर्णय लिया गया है और छह परीक्षाएं स्थगित की गई हैं। छात्रों ने इसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
आंदोलन के दौरान छात्रों ने बारिश, भूख हड़ताल और पुलिस कार्रवाई जैसी परिस्थितियों का सामना किया। इसके बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
छात्र नेता उमेश प्रसाद ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों, अभ्यर्थियों और साथियों के सामूहिक संघर्ष की जीत है, जिन्होंने आंदोलन को मजबूती दी।
छात्र नेता राधे कुमार ने कहा कि सरकार के फैसले से उम्मीद जगी है कि अब भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और मेहनत करने वाले युवाओं के साथ न्याय होगा। आभार यात्रा के जरिए छात्रों ने आंदोलन के दौरान साथ देने वाले राजनीतिक दलों और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया।
आंदोलन समाप्त होने के बाद अब छात्रों की नजर सरकार के फैसलों के क्रियान्वयन पर है। छात्रों का कहना है कि भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार को धरातल पर लागू करना ही उनके लंबे संघर्ष का वास्तविक परिणाम होगा।
छात्रों ने बताई संघर्ष की पूरी कहानी
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि इस सफलता के पीछे छात्रों का लंबा संघर्ष रहा है। उनके अनुसार, दो जुलाई से शुरू हुआ संघर्ष विभिन्न चरणों से गुजरते हुए आगे बढ़ा। 25 जुलाई से बापू वाटिका में सत्याग्रह शुरू किया गया, जिसे बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया। स्टेडियम में 24 दिनों तक सत्याग्रह चला। इसके बाद भूख हड़ताल भी शुरू हुई और सरकार ने मांगों को समझा।
राधे कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उनके भविष्य की चिंता की। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार का फैसला मेहनत करने वाले छात्रों के लिए बड़ी उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धन्यवाद
उमेश प्रसाद ने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया, जिसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं के भविष्य को समझा और उनकी परेशानियों को गंभीरता से लिया। उम्मीद है कि आगे सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से होंगी।
विवेक पंडित ने बताया कि सरकार ने छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए उनकी मांगों पर निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का योगदान महत्वपूर्ण है और उन्होंने छात्रों की परेशानी को समझते हुए छात्र हित में फैसला लिया। छात्रों की मांग है कि आगे होने वाली हर भर्ती परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि किसी मेहनती छात्र के साथ अन्याय न हो।
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