तमिलनाडु के सीएम विजय ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, मेकेदातु प्रोजेक्ट रोकने की मांग

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक सरकार की मेकेदातु बांध परियोजना पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज करने और हस्तक्षेप करने की मांग की है।
यह पत्र ऐसे समय में भेजा गया है जब कर्नाटक सरकार रामनगर जिले के कनकपुरा क्षेत्र के पास मेकेदातु में प्रस्तावित बांध को लेकर प्रारंभिक कार्यों की शुरुआत कर रही है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय जल्द ही दिल्ली का दौरा कर इस मामले को केंद्र के समक्ष सीधे उठाने की तैयारी में हैं।
क्या है पूरा विवाद?
कावेरी जल विवाद लंबे समय से तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य संबंधित राज्यों के बीच तनाव का कारण रहा है। कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में बांध बनाने की योजना को तमिलनाडु सरकार पहले से ही आपत्तिजनक मानती रही है।
तमिलनाडु का कहना है कि यह परियोजना 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले और कावेरी जल न्यायाधिकरण के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है, जिसमें जल बंटवारे और परियोजनाओं को लेकर स्पष्ट प्रावधान दिए गए थे।
तमिलनाडु की आपत्ति
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मेकेदातु बांध उन परियोजनाओं में शामिल नहीं है जिन्हें न्यायाधिकरण या सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी। उनका कहना है कि ऊपरी तटीय राज्यों को निचले तटीय राज्यों की सहमति के बिना किसी नए जलाशय या बांध के निर्माण का अधिकार नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि कावेरी बेसिन पहले से ही जल संकट वाला क्षेत्र माना जाता है, जहां उपलब्ध जल का बड़ा हिस्सा पहले ही राज्यों में आवंटित किया जा चुका है, ऐसे में अतिरिक्त भंडारण की कोई संभावना नहीं बचती।
सुप्रीम कोर्ट आदेशों के उल्लंघन का आरोप
तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि मेकेदातु परियोजना आगे बढ़ाना न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है। इससे न केवल जल बंटवारे का संतुलन प्रभावित होगा, बल्कि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे निचले राज्यों में किसानों और आम जनता को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है और तमिलनाडु सरकार केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद कर रही है, ताकि यह विवाद और न बढ़े।
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