ट्रैफिक पुलिस से वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक और आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर उनसे वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी जीशान अली को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को फंसाकर उनसे अवैध वसूली करता था। इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सभी के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह का सरगना राजकुमार उर्फ राजू मीना वर्ष 2015 से सक्रिय है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जानबूझकर निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य अक्सर पुलिसकर्मियों को चालान से बचाने के नाम पर छोटी रकम स्वीकार करने के लिए उकसाते थे और इस दौरान गुप्त रूप से उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी।
इसके बाद इन वीडियो का इस्तेमाल पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता था। उन्हें निलंबन, विभागीय जांच, सतर्कता कार्रवाई या झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी लंबे समय से कई पुलिसकर्मियों से मोटी रकम वसूलते रहे।
इस मामले में अब तक राजकुमार उर्फ राजू मीना को 8 दिसंबर 2025 को, मुकेश उर्फ पकोड़ी को 11 दिसंबर 2025 को, संजय गुप्ता को 20 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इंस्पेक्टर के.के. शर्मा की टीम ने 4 मई को जीशान अली को गिरफ्तार किया। फिलहाल जीशान पुलिस हिरासत में है।
गिरफ्तार आरोपी जीशान अली दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र के नवीन विहार, बेगमपुर का रहने वाला है और पेशे से ट्रांसपोर्टर है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह कमर्शियल वाहनों के मालिकों को ट्रैफिक चालान से बचाने में मदद करने के लिए विशेष स्टिकर और निशान भी उपलब्ध कराता था।
यदि किसी वाहन पर उसके द्वारा दिया गया स्टिकर लगा होता था और ट्रैफिक पुलिस उसका चालान करती थी, तो वह कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को कानूनी कार्रवाई की धमकी देता था। इसके लिए वह फर्जी वीडियो दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश करता था, जिनमें ट्रैफिक पुलिस को पैसे लेते हुए दर्शाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, जीशान अली के खिलाफ पहले से ही चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले की आगे जांच जारी है और गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
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