यूपी के स्कूलों में इस सत्र से होंगे 10 बैगलेस डे, बच्चों को मिलेंगी कौशल आधारित गतिविधियां

HIGHLIGHTS
- अगस्त से नवंबर तक हर शनिवार विद्यार्थियों के लिए विशेष गतिविधियां कराई जाएंगी।
- 14 नवंबर को सभी विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाएगा।
- स्कूलों में आनंदम मॉड्यूल के तहत 34 तरह की गतिविधियां शामिल की गई हैं।
लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कंपोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र से 10 बैगलेस डे आयोजित किए जाएंगे।
अगस्त से नवंबर तक हर शनिवार को विद्यार्थियों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण कराया जाएगा। वहीं, 14 नवंबर को सभी विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर कुल 28.94 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
आनंदम मॉड्यूल के जरिए होगी गतिविधियां
बैगलेस डे का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित और कौशल से जुड़ी शिक्षा देना है। इसके माध्यम से बच्चों को श्रम के महत्व, स्थानीय हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल जैसी अवधारणाओं की जानकारी दी जाएगी।
इन गतिविधियों के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने 34 गतिविधियों वाला आनंदम मॉड्यूल तैयार किया है। इस मॉड्यूल को विज्ञान, पर्यावरण एवं प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक कार्यालय एवं स्थानीय उद्योग तथा कला, संस्कृति एवं इतिहास जैसे तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है।
बच्चों को इन गतिविधियों में मिलेगा अवसर
बैगलेस डे के दौरान विद्यार्थी मिट्टी के खिलौने बनाना, किचन गार्डन तैयार करना, जैविक खेती, जल संरक्षण, स्वास्थ्य और चाइल्ड सेफ्टी, जूट क्राफ्ट, विज्ञान मॉडल, मिनी बैंक, उद्यमिता जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा विद्यार्थियों को बैंक और डाकघर का भ्रमण, डूडलिंग, संगीत, नाटक, फोटोग्राफी, ऐतिहासिक स्थलों का दौरा, सार्वजनिक अवसंरचना का अध्ययन, स्थानीय उद्योगों की जानकारी, एआई, रोबोटिक्स, स्क्रैच कोडिंग और ड्रोन तकनीक जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा।
जिलों को दिए गए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
बैगलेस डे कार्यक्रम को बेहतर तरीके से लागू कराने के लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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