'भारत के साथ शानदार डील होगी', दावोस में ट्रंप ने की पीएम मोदी की सराहना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) में अपने संबोधन के दौरान भारत के साथ मजबूत व्यापारिक साझेदारी को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुले तौर पर प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रभावशाली और दूरदर्शी नेता बताया। इसी मंच से ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा भी दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टालने में भूमिका निभाई थी।
अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा और सकारात्मक व्यापार समझौता होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दोहराया कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम कराने का श्रेय वह पहले भी ले चुके हैं। हालांकि भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई है।
ट्रंप ने अपने संबोधन में वैश्विक नेताओं के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपने रिश्तों को अच्छा बताते हुए कहा कि वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। चीन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी ने अपने देश में बड़े बदलाव किए हैं और वैश्विक स्तर पर उनका प्रभाव है। कोविड महामारी का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उस दौर में कई चीजें बाधित हुईं, लेकिन आपसी संवाद बना रहा।
यूरोप और नाटो को लेकर ट्रंप का रुख एक बार फिर आक्रामक नजर आया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने लंबे समय तक वैश्विक सुरक्षा का बड़ा बोझ उठाया है, जबकि कई यूरोपीय देश अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटते रहे। ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव बनाया गया, जिससे अब सदस्य देश अधिक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में हस्तक्षेप कर समाधान की दिशा में काम किया, लेकिन इसके बदले उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप ने दावोस में कहा कि यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे अमेरिका, रूस और चीन के बीच स्थित एक संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए कहा कि भविष्य में इसकी भूमिका और बढ़ेगी। ट्रंप का कहना था कि ग्रीनलैंड का महत्व प्राकृतिक संसाधनों से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तरी अमेरिका के संदर्भ में यह इलाका अमेरिका के हितों से जुड़ा हुआ है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप से सहमति चाहता है। उनके अनुसार, अमेरिका किसी टकराव की बजाय सहयोग चाहता है, लेकिन यदि उसकी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया तो वह इसे भूलेगा नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका की मजबूती का सीधा अर्थ नाटो और वैश्विक सुरक्षा की मजबूती है, और इसी दिशा में उनकी सरकार लगातार काम कर रही है।
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