अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का आयात संभव: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते को दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर तक के उत्पाद आसानी से खरीद सकता है। उन्होंने इसे “बहुत ही सुरक्षित” बताया और कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था अगले पांच वर्षों में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की मांग पैदा करेगी।
गोयल ने बताया कि वर्तमान में भारत अमेरिका से 300 अरब डॉलर का सामान खरीदता है, जो दुनिया के अन्य देशों से आने वाले आयात का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण अंतिम रूप ले चुका है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में भारत ऊर्जा उत्पादों, विमानों और उनके पार्ट्स, कीमती धातुएं, तकनीकी उपकरण और कोकिंग कोयला अमेरिका से खरीदने का इरादा रखता है।
किसानों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिकी बाजार भारतीय किसानों को बेहतर कीमत प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। इसके साथ ही, व्यापार समझौते से किसानों के लिए नई निर्यात संभावनाएं खुलेंगी, जिससे उन्हें अधिक लाभ और बेहतर दाम मिलेंगे।
गोयल ने कहा कि भारत अब व्यापार समझौतों की बातचीत ताकत और आत्मविश्वास के साथ कर रहा है। उनका मानना है कि भारत भविष्य में 35 ट्रिलियन डॉलर के बाजार की पेशकश कर सकता है, और यही हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्तमान में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और 2047 तक इसे 30-35 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
विमान और ऊर्जा क्षेत्र में मांग
गोयल ने बताया कि भारत पहले ही विमानों और इंजन के लिए 50 अरब डॉलर के ऑर्डर दे चुका है और अगले पांच साल में हवाईनौका क्षेत्र में 100 अरब डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी। इसके अलावा तेल, LNG, LPG और कच्चे तेल की मांग भी अमेरिका से पूरी होगी। स्टील उद्योग की बढ़ती मांग के कारण भारत को सालाना 30 अरब डॉलर के कोकिंग कोयले की जरूरत होगी।
तकनीकी निवेश और डेटा सेंटर
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं और 10 गीगावाट डेटा सेंटर बनने की योजना है, जिसके लिए उपकरण अमेरिका से मिल सकते हैं। इसके अलावा AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी की आवश्यकता भी अमेरिका पूरा कर सकता है। गोयल ने कहा कि 100 अरब डॉलर सालाना का अनुमान भी बहुत ही संयमित है, क्योंकि भारत अगले दशक में 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
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