उत्तराखंड में 31 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी, 8 जिलों में अलर्ट और स्कूलों की छुट्टी

HIGHLIGHTS
- उत्तराखंड के 8 जिलों में 31 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश।
- रुद्रप्रयाग में खराब मौसम के चलते सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी।
- भूस्खलन, जलभराव और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए पर्यटकों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर रोक।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण जलभराव और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखने और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग, बीआरओ सहित सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
रुद्रप्रयाग में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे
मौसम विभाग की ओर से 31 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिले में कक्षा एक से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र शुक्रवार को बंद रहेंगे।
पर्यटकों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर रोक
प्रदेश में खराब मौसम को देखते हुए पर्यटकों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना को देखते हुए देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवागमन पर नियंत्रण रखने, आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली से जुड़े सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर पहले से जरूरी उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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