गूगल के साथ हाइपरस्केल डेटा सेंटर, अडानी आंध्र प्रदेश में करेगा 1 लाख करोड़ का निवेश

अडानी समूह, जो बंदरगाहों से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक कारोबार में सक्रिय है, आने वाले 10 वर्षों में आंध्र प्रदेश में डेटा सेंटर, सीमेंट, ऊर्जा और आधुनिक निर्माण जैसे क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगा। यह निवेश पहले से किए गए 40,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त होगा।
विजाग टेक पार्क और गूगल के साथ साझेदारी
अडानी पोर्ट एंड एसईजेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और उद्योगपति गौतम अडानी के बड़े बेटे करण अडानी ने आंध्र प्रदेश निवेशक शिखर सम्मेलन में कहा कि समूह का उद्देश्य दक्षिण भारत में कारोबार को और मजबूत करना है। उन्होंने 15 अरब अमेरिकी डॉलर की योजना का भी अनावरण किया, जिसके तहत गूगल के साथ साझेदारी में विजाग टेक पार्क में दुनिया के सबसे बड़े हरित-संचालित हाइपरस्केल डेटा सेंटर इकोसिस्टम का निर्माण किया जाएगा।
करण अडानी ने कहा, “आंध्र प्रदेश पर अडानी समूह का भरोसा नया नहीं है। हमने अब तक बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट, ढांचागत विकास और नवीकरणीय ऊर्जा में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। अब हम अगले 10 सालों में एक लाख करोड़ रुपये और निवेश करेंगे।”
गूगल के साथ एआई डेटा सेंटर परियोजना
विजाग टेक पार्क में अडानी और गूगल मिलकर हरित ऊर्जा से संचालित दुनिया के सबसे बड़े हाइपरस्केल डेटा सेंटर का निर्माण करेंगे। इस परियोजना में अगले पांच साल में 15 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा, जो अमेरिका के बाहर गूगल का एआई क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। करण ने बताया कि यह निवेश टिकाऊ विकास और हाई-टेक प्रगति को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
असम में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश
अडानी समूह असम में भी दो बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 63,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। इसमें पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा कोयला आधारित निजी बिजली संयंत्र और एक नई पंप-स्टोरेज हाइड्रो पावर परियोजना शामिल है। अडानी पावर लिमिटेड 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 3,200 मेगावाट क्षमता वाला आधुनिक तापीय बिजली संयंत्र बनाएगी। यह परियोजना DBFOO (डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन) मॉडल पर विकसित की जाएगी।
करण अडानी ने कहा, “हम आंध्र प्रदेश और असम को सिर्फ निवेश की जगह नहीं बल्कि भारत में अगले 10 वर्षों के बदलाव की शुरुआत वाला स्टेप मानते हैं। हमारा लक्ष्य तकनीक और टिकाऊ विकास को एक साथ बढ़ावा देना है।”
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