मुजफ्फरनगर में खाद की कालाबाज़ारी पर प्रशासन सख्त, NSA तक की दी चेतावनी

मुजफ्फरनगर में खाद की कालाबाज़ारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में जिलाधिकारी Umesh Mishra ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाज़ारी पर NSA तक की कार्रवाई की चेतावनी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में अनियमितता करने वाले थोक विक्रेता, खुदरा दुकानदार या कंपनियों के खिलाफ सामान्य धाराओं में नहीं, बल्कि आवश्यक होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और ब्लैक मार्केटिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसानों को तय मानकों से अधिक खाद देने या अवैध रूप से स्टॉक करने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक किसान को सीमित मात्रा में खाद
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक किसान को उसकी कृषि भूमि के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि एक बार में अधिकतम 7 बैग यूरिया और 5 बैग डीएपी ही दिए जाएं, ताकि वितरण में संतुलन और पारदर्शिता बनी रहे।
जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसलिए किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित करना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और बायो-फर्टिलाइजर के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए, ताकि खेती टिकाऊ और लागत प्रभावी बन सके।
फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर मिलेगा खाद
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि आगामी सत्र से उर्वरक वितरण केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किया जाएगा। जिन किसानों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है।
डीएम ने विक्रेताओं से भी अपील की कि वे किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने में सहयोग करें, ताकि वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन सके।
निगरानी और सख्त कार्रवाई का निर्देश
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता संदिग्ध सूची में पाया जाता है या टैगिंग में गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों और कंपनियों की मौजूदगी
बैठक में जिला कृषि अधिकारी ने संतुलित उर्वरक उपयोग के फायदे बताए, वहीं किसानों से फसल अवशेष न जलाने की भी अपील की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सहित कृषि, सहकारिता, गन्ना और उद्यान विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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