DJ कांवड़ों के बीच 60 हजार की बुग्गी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र, दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की अनोखी शिवभक्ति

HIGHLIGHTS
- दिल्ली पुलिस में तैनात कांस्टेबल आशीष राणा हरिद्वार से लेकर चल रहे हैं गंगाजल
- बुधवार रात मुजफ्फरनगर पहुंचने पर लोगों ने रोककर देखी उनकी अनोखी कांवड़
- खेतों में इस्तेमाल होने वाली बुग्गी को दिया गया कांवड़ का रूप
मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में इस बार जहां हाईटेक डीजे कांवड़, बड़ी-बड़ी झांकियां और आधुनिक सजावट वाली कांवड़ें श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, वहीं एक शिवभक्त अपनी सादगी और पारंपरिक अंदाज से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। दिल्ली पुलिस में तैनात कांस्टेबल आशीष राणा हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर बदरपुर (दिल्ली) तक एक अनोखी बुग्गी कांवड़ के साथ पैदल यात्रा कर रहे हैं।
बुधवार रात करीब 11 बजे जब आशीष राणा अपनी बुग्गी कांवड़ के साथ मुजफ्फरनगर पहुंचे तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनकी कांवड़ देखने के लिए रुक गए। आधुनिक कांवड़ों के बीच खेतों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक बुग्गी को कांवड़ का रूप देना लोगों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल आशीष राणा ने बताया कि उन्होंने इस बार करीब 60 हजार रुपये की लागत से यह विशेष बुग्गी कांवड़ तैयार कराई है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य दिखावा करना नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण संस्कृति और भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था को दर्शाना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कांवड़ यात्रा में बड़े-बड़े डीजे और भव्य सजावट वाली कांवड़ें देखने को मिलती हैं, लेकिन उनकी सोच हमेशा शांतिपूर्ण और अनुशासित यात्रा की रही है। इसी कारण उन्होंने आधुनिकता की जगह पारंपरिक बुग्गी को अपनी कांवड़ का स्वरूप दिया।
रोज 30 किलोमीटर पैदल चल रहे आशीष
आशीष राणा ने बताया कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर प्रतिदिन करीब 30 किलोमीटर पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य बदरपुर स्थित शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान लोग उनकी कांवड़ देखकर रुक रहे हैं और उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। कई श्रद्धालु बुग्गी कांवड़ के साथ फोटो और वीडियो भी बना रहे हैं।
श्रद्धा और अनुशासन को बताया जरूरी
आशीष राणा का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल प्रदर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आस्था, अनुशासन और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति सच्ची श्रद्धा के लिए सादगी और संयम सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा, "शांतिपूर्ण और सादगीभरी कांवड़ ही मेरी पहचान है। भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था में दिखावे से ज्यादा भाव और समर्पण मायने रखता है।"
आधुनिकता के बीच संस्कृति से जुड़ने का संदेश
हर साल कांवड़ यात्रा में अलग-अलग थीम और आकर्षक झांकियां देखने को मिलती हैं। इस बार दिल्ली पुलिस कांस्टेबल आशीष राणा की पारंपरिक बुग्गी कांवड़ लोगों को अपनी संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश देती नजर आ रही है।
मुजफ्फरनगर में उनकी कांवड़ देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और लोगों ने उनकी सादगी भरी यात्रा की जमकर सराहना की।
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