पहाड़ों की बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में बढ़ी ठंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम तोड़ रहा रिकॉर्ड

हिमालयी क्षेत्रों में हालिया बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। पहाड़ों से उतर रही ठंडी हवाओं ने मैदानों में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है।
राजस्थान के कई जिलों में तापमान लगातार गिरा है। अलवर, उदयपुर और झुंझनू में शनिवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रही। बारां और करौली में पहली बार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के 12 जिलों में तापमान 10 डिग्री से कम रहा।
मध्य प्रदेश में भी नवंबर में असामान्य ठंड का असर दिखा। राजगढ़ में तापमान लगभग 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। भोपा, इंदौर और शाजापुर में तेज शीत लहर महसूस की गई।
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा अमरकंटक में भी ठंड बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर की चेतावनी भी जारी की गई है।
पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना के प्रभाव से ठंड में तेजी आई है। हरियाणा के हिसार और महेंद्रगढ़ में शनिवार को न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम है।
बिहार में भी पहाड़ों की बर्फबारी और पछुआ हवाओं के कारण सुबह-शाम की ठंड बढ़ी है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल नवंबर की शुरुआत में हुई बारिश और हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में तापमान गिराने में मदद की है।
इस कड़ाके की ठंड के चलते लोगों ने हीटर, गर्म कपड़े और चाय-कॉफी का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।
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