अखिलेश का भाजपा पर वार: ‘नोटबंदी में पैसा लिया, अब सोना जमा कर रही सरकार’

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को चुनावों से पहले दोगुनी आय का वादा कर भ्रमित किया गया, जबकि आज महंगाई अपने चरम पर है। अखिलेश ने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल और बिजली के बढ़ते दामों ने आम आदमी का जीवन मुश्किल बना दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि घर बनाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज महंगी होती जा रही है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया, “नोटबंदी में सरकार ने जनता का पैसा तो ले लिया, अब उनकी नजर सोने पर है। तभी तो सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। गरीब परिवार अब बेटियों की शादी में ज़रा-सा सोना खरीदने की स्थिति में भी नहीं रह गया है।”
कफ सिरप घोटाले पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने हाल ही में पकड़ी गई अवैध शराब की बड़ी खेप का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार भेजे जा रहे 35 हजार लीटर माल में गड़बड़ियां थीं और इसमें भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कफ सिरप की अनियमितताओं में भी सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है।
उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव में जनता को मुफ्त डाटा, आटा और युवाओं को मोबाइल देने के वादे किए गए थे, लेकिन इनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि “जापान और सिंगापुर के साथ क्यूटो की यात्रा भी कर लें, वहीं से कुछ सीखने को मिल सकता है।”
राष्ट्रीय विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं पर टिप्पणी
एसपी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का है, जिसके लिए 2029 तक का इंतजार करना होगा। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाओं की भारी कमी है और गंभीर रोगों के उपचार के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
एसआईआर में आधार को स्वीकार न करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को अदालत में ले जाएगी।
पीडीए के वोट की रक्षा का संकल्प
अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का एक भी वोट कटने नहीं दिया जाएगा और चुनावों में किसी भी तरह की बेईमानी के खिलाफ पार्टी संघर्ष करेगी। उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा कि “जंगल राज की स्थिति बनी हुई है। अधिकारी मिलकर जमीनों पर कब्ज़े करा रहे हैं और सरकार की सूचना प्रणाली इतनी कमजोर है कि घुसपैठ तक रोक नहीं पा रही है।”
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