'अल्लाह ने हमें बचाया...', ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लश्कर कमांडर हाफिज का बड़ा कबूलनामा

पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वरिष्ठ कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर खुलकर स्वीकार किया कि इस हमले ने संगठन के महत्वपूर्ण नर्व सेंटर को भारी नुकसान पहुंचाया।
रऊफ ने माना कि 6-7 मई की रात को मुरादके स्थित मरकज-ए-तैयबा (LeT का हेडक्वार्टर) पूरी तरह तबाह हो गया। उन्होंने कहा, “वह जगह अब मस्जिद नहीं रही। हम वहां बैठ भी नहीं सकते। वह पूरी तरह ढह गई है।”
हाफिज रऊफ लश्कर का ऑपरेशनल कमांडर रह चुका है और आतंकियों को ट्रेनिंग देने तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से लॉन्चपैड पर ऑपरेशन कराने में शामिल रहा। अमेरिका ने उसे ग्लोबल आतंकवादी घोषित किया है।
ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव
रऊफ के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का उपसमूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) 26 नागरिकों की हत्या में शामिल था। जांच में यह सामने आया कि हमलावरों ने चीन में बने हथियारों और उपकरणों का इस्तेमाल किया। रऊफ ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि टकराव के दौरान पाकिस्तान और LeT ने चीन से मिले हथियारों का उपयोग किया।
पाकिस्तान और चीन का सहयोग
रऊफ ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार ने आतंकी गतिविधियों के लिए खुली अनुमति दी हुई है, जिससे भर्ती और ट्रेनिंग में आसानी होती है। इसके साथ ही उसने चीन की भी तारीफ की और दावा किया कि चीन ने पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पाकिस्तान को लगभग रियल-टाइम इंटेलिजेंस मुहैया कराई।
रऊफ का यह बयान LeT के अंदर से पहली बार सामने आया है, जो भारत के ऑपरेशन की सफलता और संगठन के नुकसान की सीधी पुष्टि करता है।
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