‘बिना सबूत आरोप हास्यास्पद’: निज्जर मामले में कनाडा पर भारत का पलटवार

कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने खालिस्तानी आतंकवादियों और कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मंगलवार को कनाडा के सरकारी चैनल CBC को दिए इंटरव्यू में पटनायक ने कहा कि पिछले 40 सालों में कनाडा ने अपनी सीमा में चल रही आतंकवादी गतिविधियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे भारत विरोधी चरमपंथ को बढ़ावा मिला।
हरदीप सिंह निज्जर मामले पर पलटवार
CBC के एंकर ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के सिलसिले में भारतीय एजेंटों से जुड़ी कथित 'विश्वसनीय जानकारी' का हवाला दिया, लेकिन पटनायक ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "इन आरोपों के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं हैं। सिर्फ आरोप लगाना आसान है।"
पटनायक ने कनाडा की उस प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई जिसमें भारत द्वारा आतंकियों की गतिविधियों की सूचना देने पर सबूत की कमी का बहाना बनाया जाता है, जबकि कनाडा जब भारत पर आरोप लगाता है, तो उम्मीद करता है कि उसे बिना प्रमाण स्वीकार किया जाए।
1985 का एयर इंडिया बम विस्फोट याद दिलाया
हाई कमिश्नर ने 1985 के एयर इंडिया बम विस्फोट का भी जिक्र किया, जिसमें 329 लोग मारे गए थे। पटनायक ने कहा, "इस घटना की जांच आज तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। कनाडा में 40 साल से आतंकवाद के मामलों पर चर्चा होती रही है, लेकिन कोई सजा नहीं हुई।"
डबल स्टैंडर्ड पर कटाक्ष
पटनायक ने कनाडा पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "जब मैं आरोप लगाता हूं और आप कहते हैं कि सबूत पर्याप्त नहीं हैं, तो मैं मानता हूं। लेकिन जब आप आरोप लगाते हैं और मैं सबूत मांगता हूं, तो आपको भी उसी तरह जवाब देना चाहिए।"
भारतीय सरकार पर भरोसा
इंटरव्यू में एंकर ने भारत सरकार पर भरोसे की कमी का मुद्दा उठाया, लेकिन पटनायक ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होती। उन्होंने कहा, "यदि कोई व्यक्ति सबूतों के आधार पर दोषी पाया जाता है, तो भारत खुद कार्रवाई करेगा, हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं होगी।"
हाई कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को अलगाववादी जनमत संग्रह की चिंता नहीं है, बल्कि समस्या उन लोगों से है जो भारत में अपराध कर रहे हैं या विदेश से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.