यूएन में अमेरिका का बड़ा दावा, ईरान ने ट्रंप को मारने की कोशिश की

नई दिल्ली। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की मौत हो गई है। मंगलवार की तड़के सुबह इज़राइल ने ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर व्यापक हमले किए, जिनमें देश के मिलिट्री बेस, एयरफील्ड और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरान पर अमेरिकी आरोप
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ईरानी सरकार ने सीधे और प्रॉक्सी के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान 47 वर्षों से ‘अमेरिका को मौत’ का नारा दे रहा है और इज़राइल को खत्म करने का प्रयास कर रहा था।
ट्रंप पर हमले का प्रयास
वाल्ट्ज ने कहा कि ईरान ने ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश की और अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पीड़ित होने का नाटक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी गतिविधियां अमेरिका, उसके सैनिकों, सैन्य ठिकानों, सहयोगियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए गंभीर खतरा हैं।
अमेरिका ने किया खुद का बचाव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अमेरिका ने कहा कि यह ऑपरेशन आर्टिकल 51 के तहत देश और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैध कदम है। वाल्ट्ज ने यह भी बताया कि ईरानी नागरिक इन हमलों पर शिकायत नहीं कर रहे, बल्कि कुछ क्षेत्रों में जश्न मना रहे हैं, शायद अपनी आजादी की उम्मीद जताने के लिए।
ईरान में हमले का दौर जारी
ईरानी अधिकारियों ने हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं।
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