मोदी सरकार का बड़ा फैसला: PM किसान योजना 5 साल बढ़ी, इन 4 योजनाओं को मिली मंजूरी

HIGHLIGHTS
- किसानों को आर्थिक सहायता देने वाली योजना के विस्तार को मिली मंजूरी।
- फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ऊर्जा भंडारण पर सरकार का जोर बढ़ा।
- तेल-गैस खोज, खिलाड़ियों की सुविधाओं और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा समर्थन।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को किसानों, ऊर्जा, खेल और तेल-गैस क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसले लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) शुरू करने, खेलो इंडिया योजना में बदलाव करने और 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी गई।
सरकार के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, खेल क्षेत्र को मजबूत करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को 2030-31 तक जारी रखने का फैसला
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का कुल वित्तीय प्रावधान किया गया है।
यह योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
सरकार के मुताबिक, अब तक इस योजना के तहत किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि योजना जारी रहने से कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, उत्पादन क्षमता में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने 5,070 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश में 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
इन परियोजनाओं के साथ कम से कम 10,000 MWh क्षमता की ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी तैयार की जाएगी। परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मंजूरी दी जाएगी, जबकि वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी।
सरकार के अनुसार, सफलतापूर्वक शुरू होने वाली पात्र परियोजनाओं को प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य जलाशयों पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करना है।
खेलो इंडिया योजना में किया गया बदलाव
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए संशोधित खेलो इंडिया योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए 36,441 करोड़ रुपये का कुल प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता योजना को भी 2026-31 की अवधि के लिए मजबूत करने का फैसला लिया गया है।
सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और राष्ट्रीय खेल संस्थाओं को अधिक सहयोग उपलब्ध कराना है, जिससे देश में खेलों के विकास को गति मिल सके।
'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने 84,084 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की इस केंद्रीय क्षेत्र की योजना का उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, घरेलू तेल और गैस की खोज व उत्पादन बढ़ाना और नई तकनीकों को बढ़ावा देना है।
सरकार के अनुसार, इस योजना से 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट से अधिक नए भंडार मिलने की संभावना है।
इस योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले भूकंपीय (सीस्मिक) आंकड़ों का संग्रह, गहरे और अति-गहरे समुद्र में खोजी ड्रिलिंग, सीमांत बेसिनों में वैज्ञानिक ड्रिलिंग, साझा अपतटीय उत्पादन और निकासी ढांचे का विकास तथा एकीकृत ऑयल एंड गैस मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज जोन की स्थापना की जाएगी।
'समुद्र मंथन' योजना से क्या होगा फायदा?
सरकार का कहना है कि 'समुद्र मंथन' योजना से देश में अपतटीय तेल और गैस खोज गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और 'मेक इन इंडिया' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' को मजबूती मिलेगी।
योजना में डिजिटल प्रोग्राम प्रबंधन, क्षमता निर्माण, नई तकनीकों को अपनाने, हितधारकों के सहयोग और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
चारों फैसलों का क्या होगा असर?
केंद्र सरकार का मानना है कि इन फैसलों से कृषि, ऊर्जा, खेल और तेल-गैस जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी। पीएम किसान योजना से किसानों को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, सूर्य सरोवर योजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, खेलो इंडिया से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और समुद्र मंथन योजना से देश की ऊर्जा जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने की दिशा में प्रगति होगी।
सरकार के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य विकास, आत्मनिर्भरता और लंबे समय तक आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देना है।
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