मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या, तीन युवक घायल

HIGHLIGHTS
- मानसा में मंगलवार सुबह परमिंदर सिंह झोटा पर गोलीबारी हुई।
- मानसा के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
- हमले में घायल तीन युवक इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं।
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले चर्चित एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय झोटा अपने साथियों के साथ मानसा क्षेत्र में मौजूद थे। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उनके शरीर पर कई गोलियां लगीं। हमले में उनके साथ मौजूद तीन अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मानसा जिले और आसपास के मालवा क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
तीनों घायल युवक इमरजेंसी वार्ड में भर्ती
प्रारंभिक जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने परमिंदर सिंह झोटा पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं। अचानक हुई फायरिंग में झोटा के पेट और पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।
मौके पर मौजूद लोगों और उनके साथियों ने झोटा सहित अन्य घायलों को संभाला और इलाज के लिए मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने परमिंदर सिंह झोटा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल तीन अन्य युवकों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मेडिकल स्टोर संचालक पर हत्या का आरोप
घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वारदात के पीछे एक स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक का हाथ होने का आरोप लगाया जा रहा है।
परमिंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा सहित पूरे पंजाब में 'चिट्टा' (हेरोइन) और मेडिकल स्टोरों से कथित तौर पर अवैध रूप से बेची जाने वाली नशीली गोलियों के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह अपनी टीम के साथ उन दुकानों पर छापेमारी करते थे, जहां से युवाओं को नशीले पदार्थों की आपूर्ति किए जाने का आरोप था। इस दौरान वह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लाइव भी करते थे।
आशंका जताई जा रही है कि इसी अभियान और पुरानी रंजिश के चलते मेडिकल स्टोर संचालक ने उन पर हमला कराया। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी की, नाकाबंदी तेज
हत्या की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों की तलाश में मानसा जिले की सीमाओं पर सख्त नाकाबंदी की गई है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि हमलावरों की पहचान करने के साथ उनके भागने के रास्ते का भी पता लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
परमिंदर सिंह झोटा की मौत से इलाके में आक्रोश
परमिंदर सिंह झोटा पंजाब के युवाओं और स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनकी नशा विरोधी मुहिम के चलते मालवा क्षेत्र के कई गांवों में 'नशा रोको कमेटियों' का गठन हुआ था।
उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद मानसा में लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अस्पतालों और मुख्य बाजारों में लोगों की भीड़ जुटने लगी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया है।
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