व्यापारियों के लिए राहत की खबर, MDR की समयसीमा 1 जनवरी 2027 तक बढ़ी

HIGHLIGHTS
- UPI लेनदेन पर MDR की समयसीमा बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई।
- नई डेडलाइन 1 जनवरी 2027 बताई गई है।
- फैसले से छोटे और बड़े व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: यूपीआई (UPI) पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) की समयसीमा 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 कर दी गई है। इस फैसले से उन छोटे और बड़े व्यापारियों को राहत मिली है, जो डिजिटल पेमेंट पर संभावित शुल्क लगाए जाने की आशंका से चिंतित थे।
पिछले कुछ समय से बाजार में चर्चा थी कि MDR लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है। अब सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है।
समयसीमा बढ़ने का मतलब है कि व्यापारियों को यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR के रूप में अतिरिक्त शुल्क चुकाने से राहत मिलेगी। इससे उनके मुनाफे पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और देश में डिजिटल पेमेंट के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अब सवाल यह है कि इस समयसीमा को बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया और इससे व्यापारियों तथा यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले लोगों को क्या फायदा मिल सकता है?
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