जम्मू में आतंक विरोधी अभियान तेज, दो संदिग्ध हिरासत में

जम्मू संभाग में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों को और तेज कर दिया है। सोमवार को सेना ने संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो लोगों को पकड़ा, जिन्हें बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने सांबा जिले के बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में अपने कैंप के आसपास सुबह करीब साढ़े दस बजे दोनों संदिग्धों को रोका। पूछताछ के बाद उन्हें आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस को सौंपा गया है।
इधर, किश्तवाड़ जिले के दुर्गम और बर्फ से ढके छात्रू इलाके में आतंकियों की तलाश लगातार जारी है। बीते दो सप्ताह में यहां कई मुठभेड़ें हुई थीं, जिनमें शामिल आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अभियान चला रही हैं। यह सर्च ऑपरेशन सोमवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। घुटनों तक जमी बर्फ के बावजूद जवान पहाड़ी इलाकों में तलाशी ले रहे हैं।
रविवार रात रामनगर सेक्टर के जोफर इलाके में भी संदिग्ध हलचल देखी गई थी। इसके बाद उझ नदी के आसपास जोफर, मार्ता, कुलथियान, सोहन, खील और चौर मोट्टू गांवों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया, हालांकि वहां कोई संदिग्ध हाथ नहीं लगा।
उधर, उधमपुर के रामगढ़ जंगलों और राजोरी के कालस टॉप क्षेत्र में भी आतंकियों की मौजूदगी की सूचनाओं के बाद सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है। इसके अलावा पुंछ, राजोरी, कठुआ, डोडा और रियासी जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में भी घेराबंदी और तलाशी अभियान चल रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 31 जनवरी को छात्रू के डोलगाम गांव से आतंकियों के भागने के बाद से उनका कोई नया सुराग नहीं मिला है। रविवार को हुई हल्की से मध्यम बर्फबारी के कारण तलाशी कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था।
गौरतलब है कि यह पूरा अभियान 18 जनवरी को सोनार गांव में हुई मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ था, जिसमें एक पैरा कमांडो शहीद हो गया था और सात अन्य जवान घायल हुए थे। इसके बाद 22 और 26 जनवरी को भी आसपास के इलाकों में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी।
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